अध्यात्म से जुड़ने का सबसे सरल तरीका योग बताया जाता है। योग की उत्पत्ति प्राचीन भारत में हजारों वर्ष पूर्व हुई थी। इसे मन, शरीर और आत्मा के संतुलन का सबसे बेहतरीन तरीका बताया जाता है। आज पूरी दुनिया के लोग योग अपना रहे हैं। योग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक ही आसन का नियमित अभ्यास करने से शरीर को कई सारे लाभ मिल सकते हैं। इन्हीं में से एक मर्कटासन है, जो शरीर के लिए बेहद ही फायदेमंद बताया जाता है।
मर्कटासन में शरीर को दाएं-बाएं मोड़ने की क्रिया की जाती है, जिससे रीढ़ की हड्डी, कमर, कंधे और पेट की मांसपेशियों बेहतर तरीके से स्ट्रेच होती हैं। साथ ही यह कमर के तनाव को कम करने, रीढ़ को लचीला बनाने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है। आइए जानते है मर्कटासन को कितनी देर करना चाहिए, करने का सही समय तरीका।
कितनी देर करें मर्कटासन
मर्कटासन का अभ्यास आप अपनी क्षमता के अनुसार कर सकते हैं। शुरुआत में 5 से 8 बार दाएं और बाएं करवट लेकर कर सकते हैं। इस स्थिति में 10 से 15 सेकंड तक रुकना चाहिए। नियमित अभ्यास करने पर इसे 8-12 बार कर सकते हैं और हर तरफ 20-30 सेकंड तक रुक सकते हैं। कुल मिलाकर 5-10 मिनट तक इसका अभ्यास करना पर्याप्त माना जाता है।
करने का सही समय
वैसे तो मर्कटासन किसी भी समय कर सकते हैं, लेकिन योग नियमों के अनुसार इसे सुबह के वक्त करना ज्यादा लाभकारी माना जाता है। इस आसन को सुबह खाली पेट करना चाहिए। इससे शरीर में लचीलापन बढ़ता है और शरीर को पूरे दिन ऊर्जा मिल सकती हैं। हालांकि, सुबह समय न मिलने पर इसे शाम को भी कर सकते हैं। इसे शाम को भोजन करने से 3-4 घंटे पहले या बाद में अभ्यास करना चाहिए।
मर्कटासन करने का सही तरीका
सबसे पहले पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अब दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैलाकर रखें ताकि शरीर टी (T) की आकृति जैसा दिखाई दे। हथेलियां ऊपर या नीचे, दोनों तरफ रख सकते हैं। अब दोनों घुटनों को मोड़ें और एड़ियों को कूल्हों के पास ले आएं। दोनों घुटने और पैर आपस में मिले रहने चाहिए। गहरी सांस लें और फिर सांस छोड़ते हुए दोनों घुटनों को धीरे-धीरे दाईं ओर जमीन की तरफ ले जाएं। कंधा जमीन से उठना नहीं चाहिए। गर्दन को धीरे-धीरे बाईं ओर घुमाएं। इस स्थिति में सामान्य सांस लेते हुए 10-30 सेकंड तक रहें। अब सांस लेते हुए घुटनों को वापस बीच में लाएं। इस प्रक्रिया को दूसरी ओर दोहराएं। इसी प्रकार दोनों तरफ बराबर संख्या में नियमित अभ्यास करें।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर कमर या गर्दन में दर्द हो तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के यह आसन न करें।
रीढ़ की गंभीर चोट, सर्जरी या स्लिप डिस्क की समस्या होने पर भी डॉक्टर या योग प्रशिक्षक से सलाह लें।
यह आसन करते समय ज्यादा जोर न लगाएं।
गर्भवती महिलाएं बिना प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह और देखरेख के न करें।
अगर अभ्यास के दौरान किसी तरह का दर्द, चक्कर या अन्य समस्या नजर आए, तो आसन को तुरंत रोक दें।
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