मलाइका अरोड़ा अपनी फिटनेस के लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं। अभिनेत्री की फिटनेस को देखकर यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि वह 52 साल की हैं। उनकी इस फिटनेस का राज सख्त वर्कआउट और डाइट है। मलाइका अरोड़ा का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह आउटडोर जिम में शोल्डर व्हील एक्सरसाइज करती नजर आ रही हैं। इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि, ‘चक्की पीस रही हूं’।
मलाइका अरोड़ा के इस वीडियो को पिंकविला ने अपने सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस वर्कआउट के फायदे जानने के लिए इंडियन एक्सप्रेस ने फिटनेस एक्सपर्ट से बात की, जिन्होंने बताया कि यह एक्सरसाइज कंधों और बाजुओं को मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें टोन्ड करने में भी मदद कर सकती है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
फोर्टिस हॉस्पिटल, जालंधर के आर्थ्रोस्कोपी और स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नितीश कपिल के अनुसार, रोटेशन व्हील एक आसान एक्सरसाइज है, जो शरीर की उन मांसपेशियों पर काम करती है जिनका हम रोजमर्रा के कामों में बिना सोचे इस्तेमाल करते हैं। उनके अनुसार इस एक्सरसाइज में घूमने वाली गति (स्पिनिंग मोशन) कंधे के जोड़ (शोल्डर जॉइंट) के साथ-साथ स्कैपुलर मसल्स यानी कंधे की हड्डी (शोल्डर ब्लेड) के आसपास की मांसपेशियों को भी सक्रिय करती है। यही मांसपेशियां ऊंची जगह से सामान उतारने, किराने का बैग उठाने या बालों में कंघी करने जैसे रोजमर्रा के कामों में मदद करती हैं।
डॉ. नितीश कपिल के अनुसार यदि इस एक्सरसाइज को नियमित रूप से किया जाए तो कंधों की मूवमेंट बेहतर होती है। साथ ही कंधे की हड्डी को आगे और पीछे ले जाने वाली मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसका फायदा यह होता है कि बाजुओं की ताकत बढ़ती है और शरीर का पोश्चर भी बेहतर होता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस एक्सरसाइज की लगातार घूमने वाली गति से कलाई, बाजू और कंधों में रक्त संचार बेहतर होता है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर काम करते हैं या घंटों मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं।
किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
हालांकि, डॉ. कपिल चेतावनी देते हैं कि यह एक्सरसाइज हर व्यक्ति के लिए तेज गति से या पूरी ताकत के साथ नहीं करना चाहिए। अगर किसी को पहले से कंधे में दर्द, चोट या शोल्डर इम्पिंजमेंट की समस्या है, तो उसे यह एक्सरसाइज बहुत सावधानी से करनी चाहिए। इसे हमेशा धीरे-धीरे और अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए। यदि एक्सरसाइज करते समय या उसके बाद दर्द या असहजता बढ़ने लगे तो तुरंत रुक जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दर्द सहते हुए एक्सरसाइज करना सही नहीं होता, क्योंकि इससे पहले से मौजूद समस्या और बढ़ सकती है। एक्सरसाइज शुरू करने से पहले हल्का शोल्डर वार्म-अप करना चाहिए, ताकि मांसपेशियों में खिंचाव का खतरा कम हो। साथ ही इस एक्सरसाइज को तेज गति से करने के बजाय नियंत्रित और सही तरीके से करना ज्यादा फायदेमंद होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञ की राय पर आधारित है। किसी भी नई एक्सरसाइज या फिटनेस रूटीन की शुरुआत करने से पहले अपने डॉक्टर या फिटनेस विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
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