खूबसूरती बढ़ाने के लिए आजकल नई तकनीक उपलब्ध हैं। माइक्रोब्लैडिंग और माइक्रोफेदरिंग इन दिनों काफी ट्रेंड में है। माइक्रोफेदरिंग एक तरह से सेमी-परमानेंट आइब्रो टैटू का नो-मेकअप मेकअप वर्जन है। माइक्रोब्लेडिंग और माइक्रोफेदरिंग के बीच सबसे बड़ा अंतर सतह क्षेत्र का है। माइक्रोब्लेडिंग में आमतौर पर पूरे भौंह क्षेत्र पर टैटू बनाकर उसे घना और आकार दिया जाता है। एलोपेसिया या बहुत पतली भौंहों वाले लोग अक्सर इसे करवाते हैं ताकि उन्हें बार-बार अपनी भौंहों को संवारना न पड़े। दूसरी ओर, माइक्रोफेदरिंग उन लोगों के लिए है जिनकी भौंहें प्राकृतिक रूप से घनी होती हैं। इसका नाम स्ट्रीचर द्वारा बनाए गए फेदर्ड ब्रो लुक से आया है। अगर आप यह प्रोसेस नहीं करवाना चाहते हैं तो आप पतली आइब्रो को मोटा और घना दिखाने के लिए कुछ टिप्स भी फॉलो कर सकते हैं। इसके लिए आपको मेकअप के दौरान बस कुछ टिप्स फॉलो करने होंगे।

आइब्रो पेंसिल

पतली आइब्रो को मोटा और घना दिखाने के लिए आइब्रो पेंसिल का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए हमेशा अपनी आइब्रो के बालों से मिलता-जुलता शेड चुनें। हल्के-हल्के स्ट्रोक्स में खाली जगह भरें, एक लाइन में ड्रॉ न करें। यह तरीका आइब्रो को बैलेंस और मोटा दिखाने के सबसे आसान है।

आइब्रो पाउडर

आइब्रो पाउडर के जरिए भी आप पतली आइब्रो को नेचुरल तरीके से घना दिखा सकती हैं। ब्रश से सॉफ्ट टच में अप्लाई करें।

कंसीलर से दे सकती हैं फिनिश

आइब्रो की शेप को सुंदर दिखाने के लिए आप आइब्रो के नीचे हल्का कंसीलर लगाकर ब्लेंड कर सकती हैं। इससे आइब्रो ज्यादा शार्प और उभरी हुई दिखेंगी।

आइब्रो जेल लगाना न भूलें

टिंटेड या ट्रांसपेरेंट आइब्रो जेल से बालों को ऊपर की ओर सेट करें। इससे आइब्रो मोटी और लंबे समय तक सेट रहेंगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और घरेलू नुस्खों पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरीके को आजमाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या त्वचा विशेषज्ञ की सलाह ले सकते हैं।