भारतीय रसोई में गरम मसाला का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। इससे न सिर्फ खाने का स्वाद और सुगंध बढ़ती है, बल्कि यह व्यंजनों को अधिक स्वादिष्ट भी बनाता है।। इसका इस्तेमाल लोग सब्जियों, दालों, करी और नॉन-वेज व्यंजनों में खूब करते हैं, जो भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है। हालांकि, गरम मसाला का इस्तेमाल लोग अक्सर बाजार से खरीदकर करना पसंद करते हैं। लेकिन कई बार बाजार में मिलने वाले गरम मसाले मिलावटी होते हैं, जो आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। ऐसे में आप घर पर ही गरम मसाला तैयार कर सकते हैं।

घर पर बनाया गया गरम मसाला पूरी तरह शुद्ध, ताजा और सुगंधित होता है, जो सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इसके साथ ही इसे घर पर बनाना काफी आसान है। आइए जानते हैं गरम मसाला बनाने के लिए किन-किन साबुत मसालों का उपयोग किया जाता है।

गरम मसाला बनाने के लिए सामग्री

चार बड़े चम्मच साबुत धनिया
2 बड़े चम्मच जीरा
1 बड़ा चम्मच काली मिर्च
4 से 5 बड़ी इलायची
10 से 12 हरी इलायची
10 से 12 लौंग
2 इंच दालचीनी का टुकड़ा
3-4 तेजपत्ता
1 छोटा टुकड़ा जावित्री
1 छोटा या आधा जायफल
1 बड़ा चम्मच सौंफ (वैकल्पिक)

गरम मसाला बनाने की आसान विधि

सबसे पहले सभी साबुत मसालों को अच्छी तरह जांच लें कि इसमें कंकड़, धूल या अन्य चीजें तो नहीं हैं। इसके बाद एक मोटे तले की कढ़ाई या पैन को गर्म कर के सारे मसालों को धीमी आंच पर 3-5 मिनट तक सूखा भून लें।

ध्यान रहे कि मसाले जलने नहीं चाहिए। इन्हें लगातार चलाते रहें और जब मसालों में से तेज सुगंध आने लगे, तब गैस बंद कर दें। भूनने से गरम मसालों का प्राकृतिक तेल बाहर आता है, जिससे गरम मसाले का स्वाद और खुशबू और अधिक बढ़ जाती है।

भुने हुए मसालों को एक प्लेट में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें। जब ये पूरी तरह ठंडा हो जाएं तो मिक्सर-ग्राइंडर में डालकर बारीक पाउडर बना लें। तैयार गरम मसाला पाउडर को आप एयरटाइट कंटेनर में भरकर ठंडी और सूखी जगह पर रख दें। इसे आप 2-3 महीने तक चला सकते हैं। ध्यान रखे कि मसालों को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए इन्हें नमी और धूप से बचा कर रखना चाहिए।

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