चंदेरी का नाम सुनते ही लोगों की जेहन में सबसे पहले साड़ी का ख्याल आता है। चंदेरी साड़ियां अपनी हल्की बनावट, पारदर्शी चमक और खूबसूरत जरी के काम के लिए विश्व प्रख्यात हैं। मध्य प्रदेश की यह विश्वप्रसिद्ध साड़ी राज्य के चंदेरी शहर में बनती है। यह जगह सिर्फ साड़ी नहीं बल्कि, अपने इतिहास, पुराने किले-महल, शांत गलियों और पारंपरिक संस्कृति के लिए भी प्रसिद्ध है।

चंदेरी मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में, बुंदेलखंड और मालवा की सीमा के करीब बसा ऐतिहासिक शहर है। यहां 11वीं से 18वीं शताब्दी तक के कई स्मारक देखने को मिलते हैं। चंदेरी पहाड़ियों, तालाबों और हरियाली से घिरा हुआ है। मध्यकाल में चंदेरी अलग-अलग राजवंशों और शासकों के अधीन रहा। 15वीं और 16वीं शताब्दी में यहां मालवा के सुल्तानों और बुंदेला राजपूतों का प्रभाव रहा। इसी वजह से आज चंदेरी में हिंदू, जैन और इस्लामी वास्तुकला की अलग-अलग झलक देखने को मिलती है। अगर आप इतिहास के साथ शांत माहौल में घूमना चाहते हैं तो चंदेरी जा सकते हैं। आइए जानते हैं यहां की जगहों के बारे में:

1- चंदेरी किला

चंदेरी किला ऊंचाई पर स्थित है, जहां से आसपास की पहाड़ियों और शहर का शानदार दृश्य देखने को मिलता है। चंदेरी किला या कीर्ति दुर्ग 11वीं शताब्दी से जुड़ा माना जाता है और इसे प्रतिहार शासक कीर्ति पाल से जोड़ा जाता है। पहाड़ी पर होने के कारण यहां से शहर का मनोरम दृश्य नजर आता है।

2- बादल महल गेट

चंदेरी की ऐतिहासिक संरचनाओं में से एक बादल महल गेट भी है, जो करीब 15 मीटर ऊंचा पत्थर का प्रवेश द्वार है। इसे 1450 के आसपास सुल्तान महमूद शाह खिलजी के समय बनाया गया था। इसके पीछे पहाड़ी पर स्थित चंदेरी किला नजर आता है। यहीं से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर कोशक महल भी स्थित है, जिसकी विशाल मेहराबें और चौकोर संरचना इसे बाकी स्मारकों से अलग बनाती हैं।

3- कटी घाटी

चंदेरी की अनोखी और खूबसूरत जगहों में से एक कटी घाटी भी है। यहां चट्टान को काटकर रास्ता बनाया गया है। यह रास्ता पहाड़ी और विशाल पत्थर के बीच बना है।

4- बत्तीसी बावड़ी

चंदेरी में देखने लायक ऐतिहासिक जगहों में से एक बत्तीसी बावड़ी भी है, जो चार मंजिल गहरी बताई जाती है और इसमें 32 सीढ़ियां हैं, जिसके चलते इसका नाम बत्तीसी पड़ा। बत्तीसी बावड़ी का निर्माण पुराने समय में जल संरक्षण के उद्देश्य किया गया था।

5- राजा-रानी महल

चंदेरी की प्रमुख ऐतिहासिक इमारतों में से एक राजा-रानी महल भी है। इसके अलावा आप यहां चंदेरी संग्रहालय जा सकते हैं, जहां पुराने पत्थर के शिल्प, मूर्तियां और क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी सामग्री मौजूद हैं।

कैसे पहुंचे चंदेरी

ट्रेन से : चंदेरी का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ललितपुर है, जो लगभग 40 किलोमीटर दूर है। अशोकनगर रेलवे स्टेशन भी यहां से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

सड़क मार्ग: चंदेरी सड़क मार्ग से आसपास के शहरों से जुड़ा हुआ है। अशोकनगर से इसकी दूरी लगभग 50 किलोमीटर है।

हवाई मार्ग: चंदेरी का सबसे नजदीकी ग्वालियर एयरपोर्ट है, जो लगभग 214 किलोमीटर दूर है।

यह भी पढ़ें
पब्बर वैली से जांजेहली तक, अक्टूबर में हिमाचल की इन वादियों में बिताएं सुकून भरे पल