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Lal Bahadur Shastri Quotes: लाल बहादुर शास्त्री की 114वीं जयंती पर यहां पढ़ें उनके अनमोल विचार

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2018 Quotes with Images, Status, Hindi Poem: भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी सादगी, कुशल नेतृत्व और जनकल्याणकारी विचारों के लिए याद किया जाता है। उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में 2 अक्टूबर 1904 को जन्मे शास्त्रीजी का जीवन संघर्षों से भरपूर था। उनका बचपन काफी गरीबी में बीता था।

Author October 2, 2018 5:38 PM
शास्त्रीजी अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने अनुभवों और अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा के आधार पर देश और लोकतंत्र से जुड़ी अनेक ऐसी सार्थक और जरूरी बातें कही हैं जो आज भी समता, मानवता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए कोटेशन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2018 Quotes with Images, Status: भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी सादगी, कुशल नेतृत्व और जनकल्याणकारी विचारों के लिए याद किया जाता है। उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में 2 अक्टूबर 1904 को जन्मे शास्त्रीजी का जीवन संघर्षों से भरपूर था। उनका बचपन काफी गरीबी में बीता था। स्वाध्याय के बल पर शिक्षित हुए शास्त्रीजी ने अपनी अद्वितीय नेतृत्व क्षमता के बल पर भारत को वैश्विक पटल पर एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र की पहचान दिलाई थी। भारत-पाकिस्तान के बीच साल 1965 के युद्ध में उनके जय जवान- जय किसान के आह्वान ने एक ओर देश के सैनिकों में अथाह जोश और उत्साह का संचार किया तो दूसरी तरफ अन्न संकट से जूझ रहे भारत के किसानों की ऊर्जा को नवजीवन प्रदान किया।

शास्त्रीजी अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने अनुभवों और अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा के आधार पर देश और लोकतंत्र से जुड़ी अनेक ऐसी सार्थक और जरूरी बातें कही हैं जो आज भी समता, मानवता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए कोटेशन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। बेहद विनम्र और शालीन दिखने वाले शास्त्रीजी भीतर से बेहद दृढ़ व्यक्तित्व थे। इसीलिए, उन्हें देश के सबसे सफल प्रधानमंत्रियों की सूची में रखा जाता है।

आज शास्त्री की जयंती है। इस अवसर पर हम उनके द्वारा कहे कुछ बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण कोट्स आपके लिए लेकर आए हैं। इसे आप अपने दोस्तों, साथियों, परिजनों और अन्य करीबी लोगों को भेजकर शास्त्रीजी की जयंती की शुभकामनाएं दे सकते हैं।

1. “लोगो को सच्‍चा लोकतंत्र और स्‍वराज कभी भी हिंसा और असत्‍य से प्राप्‍त नहीं हो सकता।”

2. “कानून का सम्‍मान किया जाना चाहिए ताकि हमारे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना बरकरार रहे और, और भी मजबूत बने।”

3. “यदि कोई एक व्‍यक्ति भी ऐसा रह गया जिसे किसी रूप में अछूत कहा जाए तो भारत को अपना सर शर्म से झुकाना पड़ेगा।”

4. “देश के प्रति निष्‍ठा सभी निष्‍ठाओं से पहले आती है और यह पूर्ण निष्‍ठा है क्‍योंकि इसमें कोई प्रतीक्षा नहीं कर सकता कि बदले में उसे क्‍या मिलता है।”

5. “जो शासन करते हैं उन्‍हें देखना चाहिए कि लोग प्रशासन पर किस तरह प्रतिक्रिया करते हैं। अंतत: जनता ही मुखिया होती है।”

6. “यदि मैं एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग-अलग होते। मैं धर्म के लिए जान तक दे दूंगा, लेकिन यह मेरा निजी मामला है राज्य का इससे कुछ लेना देना नहीं है। राष्ट्र धर्म-निरपेक्ष, कल्याण, स्वास्थ्य, संचार, विदेशी संबंधो, मुद्रा, इत्यादि का ध्यान रखेगा लेकिन मेरे या आपके धर्म का नहीं, वो सबका निजी मामला है।”

 

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