कुंडा से हमेशा निर्दलीय चुनाव ही क्यों लड़ते हैं राजा भैया? यूनिवर्सिटी के दिनों को याद करते हुए बताई थी वजह

राजा भैया से एक बार पूछा गया था कि वह कैबिनेट मंत्री तक रह चुके हैं, लेकिन कभी किसी पार्टी के टिकट चुनाव क्यों नहीं लड़ा? इसके जवाब में उन्होंने कुछ ऐसा कहा था-

Raja Bhaiya
यूपी के कुंडा से विधायक राजा भैया (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सपा नेता और सूबे के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि वह इस बार किसी भी बड़े दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। उनकी पार्टी छोटे दलों के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ेगी। उधर, सियासी गलियारों में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को लेकर भी तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।राजा भैया, प्रतापगढ़ के कुंडा से सात बार निर्दलीय चुनाव जीतकर रिकॉर्ड बना चुके हैं।

राजा भैया से एक बार इसको लेकर सवाल भी पूछा गया था। उनसे पूछा गया था, ‘निर्दलीय ही क्यों? जब आप सरकार में शामिल रहे हैं, कैबिनेट मंत्री तक रहे हैं तो निर्दलीय ही चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं? ‘आजतक’ के इस सवाल पर राजा भैया ने कहा था, ‘यूनिवर्सिटी के दिनों में भी मैं बिना किसी दल के राजनीति में सक्रिय रहता था। यूनिवर्सिटी से निकला तो संयोग ऐसा बना कि चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया। अब कोई दल नहीं मिला तो निर्दलीय ही चुनाव मैदान में उतर गए। जीत भी मिल गई, तो किसी पार्टी में शामिल होने के बारे में सोचा ही नहीं।’

राजा भैया ने अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मामलों पर भी खुलकर बात रखी थी। जब उनसे पूछा गया, ‘आपके खिलाफ दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं? इसके जवाब में राजा भैया ने कहा था, ‘आरोप सिद्ध होने तक तो अपराधी मत बनाइये। राजनैतिक साजिश के तहत ये मामले दर्ज कराए गए हैं, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि एक बार ये भी देख लें कि कैसे कैसे मामले दर्ज हैं। ईंट की चोरी तक का आरोप लगा है। अब हम कोई ऐसा भी अपराध कर सकते हैं।’

कैबिनेट मंत्री बने थे राजा भैया: बता दें, राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह राजनीति से हमेशा दूर ही रहे, लेकिन वह राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहे। कुंडा में राजा भैया के परिवार का लगभग एकतरफा वर्चस्व रहा है। 2012 के चुनाव में राजा भैया ने 88 हजार से भी ज्यादा मतों के अंतर से जीत हासिल की थी, जो अपने आप में बड़ी जीत थी।

बता दें बीएसपी की सरकार में राजा भैया को जेल जाना पड़ा था, लेकिन मुलायम सिंह के सीएम बनते ही वह जेल से बाहर आ गए थे और उन्हें कैबिनेट में भी जगह दी गई थी।

किससे कर सकते हैं गठबंधन: हाल ही में राजा भैया ने अयोध्या पहुंकर चुनावी बिगुल फूंका था। यहां उनसे गठबंधन को लेकर पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि समान विचारधारा वाली कोई भी पार्टी साथ आ सकती है। अब जहां तक गठबंधन का सवाल है तो हमने किसी से कोई फिलहाल बातचीत नहीं की है। आगे देखा जाएगा कि हम कौन-सी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

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