ताज़ा खबर
 

सुडौल और मजबूत शरीर पाने के लिए ऐसे कीजिए त्रिकोणासन, इन समस्याओं में होगा फायदा

त्रिकोणासन के अभ्यास से स्किन प्रॉब्लम में राहत मिलती है। चेहरे पर दाने या मुंहासे से छुटकारा मिलता है। इस योगासन के नियमित अभ्यास से पेट की कई समस्याओं में लाभ मिलता है। क्योंकि इसका अभ्यास करने से पेट में खिंचाव आता है और पेट का एक्स्ट्रा फैट कम होता है।

त्रिकोणासन।(फोटो सोर्स- यूट्यूब)

योग, हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक हो गया है। रोजाना योग करने से शरीर को लचीलापन मिलता है, मांस पेशियां मजबूत होती हैं और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलाता है। इसके अलावा नियमित रूप से योग अभ्यास करने वाले लोगों की श्वसन प्रणाली दुरुस्त रहती है। क्योंकि योग करने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा पर्याप्त होने लगती है, जिसका असर हमारे बल्ड सर्कुलेशन और वजन पर पड़ता है। आइए आज हम आपको त्रिकोणासन के बारे में बता रहे हैं। दरअसल, त्रिकोण का अर्थ होता है त्रिभुज और आसन का अर्थ होता है योग। इस आसन को करते समय शरीर त्रिकोण की आकृति बन जाती है। इसलिए इस योगासन को कोणासन कहते हैं। यह आसन कमर दर्द, मोटापा, डायबिटीज समेत पेट की समस्याओं से छुटाकारा पाने के लिए काफी कारगर साबित होता है। आइए जानते हैं त्रिकोणासन करने का सही तरीका और इसके फायदे।

त्रिकोणासन के फायदे इस प्रकार हैं-

– इस योगासन के नियमित अभ्यास से पेट की कई समस्याओं में लाभ मिलता है। क्योंकि इसका अभ्यास करने से पेट में खिंचाव आता है और पेट का एक्स्ट्रा फैट कम होता है।

– त्रिकोणासन के अभ्यास से स्किन प्रॉब्लम में राहत मिलती है। चेहरे पर दाने या मुंहासे से छुटकारा मिलता है।

– इस योगासन को फेफड़ों से संबंधित समस्याओं से निजात पाने के लिए किया जा सकता है।

– डायबिटीज के रोगियों के लिए त्रिकोणासन का अभ्यास लाभदायक होता है। इससे डायबिटीज कंट्रोल करने में सहायता मिलती है।

– कमर दर्द, गर्दन का दर्द, पैरों का दर्द और शरीर के बाकी हिस्सों के दर्द में इस योग को करने से राहत मिलती है।

– त्रिकोणासन के नियमित अभ्यास से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है।

ये है त्रिकोणासन करने का सही तरीका : इस योगासन को खड़े होकर किया जाता है। दोनों पैरों के बीच दो से तीन फीट का अंतर होना जरूरी होता है। त्रिकोणासन को करने के लिए सीधा खड़े हो जाएं और दाएं पैर को दाईं ओर मोड़ें। अब हाथों को दोनों तरह सीधा करें। दोनों हाथ कंधों के सामने होने चाहिए। अब धीरे-धीरे सांस अंदर लेते हुए हाथों की उंगलियों से दाएं पैर के पंजे को छूने की कोशिश करें। इस दौरान आंखें खुली और चेहरा सामने की ओर होना चाहिए। दायां पैर छूते हुए बायां हाथ आकाश की ओर रखें और स्ट्रेच करें। वापस सामान्य स्थिती में आते समय धीरे-धीरे सांस छोड़ें। अब इसे बाएं ओर दोहराएं। रोजाना करीब 15 से 20 बार त्रिकोणासन का अभ्यास करें।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App