ताज़ा खबर
 

सुडौल शरीर और रोगों से छुटकारा पाने के लिए ऐसे करें कपोतासन, जानिए ये फायदे

शरीर को स्‍वस्‍थ्‍य रखने और तनाव दूर करने के लिए यह योगासन बेहद लाभकारी माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर से एक्स्ट्रा फैट को घटाने में मदद मिलती है, जांघो, पैरो और कमर पर के दर्द में राहत मिलती है।

international yoga day 2018, international yoga day 2018 speech, international yoga day speech, international yoga day essay, yoga day 2018, yoga day speech, yoga day speech in hindi, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2018, योग दिवस, योग दिवस 2018, yoga day essay, yoga day essay in hindiInternational Yoga Day 2018 Speech, Essay: योग शब्द का शाब्दिक अर्थ, जुड़ना या मिलना होता है लेकिन यह बहुत विस्तृत विज्ञान है क्योंकि इसके सभी कर्म और क्रियाएं मनुष्य को शारीरिक और आत्मिक रूप से पूर्ण योगी बनाती है।(फोटो-पीटीआई)

योग से शरीर, मन और आत्मा को शांति मिलती है। योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि नियमित योगाभ्या से मानसिक तनाव को भी दूर किया जा सकता है। आज हम आपको कपोतासन के बारे में बता रहे हैं। इस आसन के दौरान शरीर की स्थिति कबूतर की तरह हो जाती है इसलिए इसे कपोत्ताससन कहा जाता है। अंग्रेजी भाषा में कपोतासन को Pigeon Pose कहा जाता है। शरीर को स्‍वस्‍थ्‍य रखने और तनाव दूर करने के लिए यह योगासन बेहद लाभकारी माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर से एक्स्ट्रा फैट को घटाने में मदद मिलती है, जांघो, पैरो और कमर पर के दर्द में राहत मिलती है। इसके अलावा इसका अभ्यास करने से छाती और फेफड़े भी मजबूत भी होते हैं। आइए जानते हैं कैसे करें कपोतासन और इसके फायदे।

कपोतासन के फायदे-

– इस आसन के अभ्यास के दौरान कमर पर दबाव पड़ता है, जिससे कमर दर्द में राहत मिलती है।
– जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर की शिकायत होती है, उनके लिए यह योगासन काफी फायदेमंद होता है।
– कपोतासन के नियमित अभ्यास से आप फिट महसूस करेंगे और शरीर सुडौल होगा।
– इसके अभ्यास के दौरान सीने पर पड़ने वाले दबाव से सीना चौड़ा होता है।
– जो लोग शरीर की जकड़न और जोड़ों के दर्द से परेशान है, उनके लिए कपोतासन का अभ्यास लाभकारी होता है।
– यूरिनरी सिस्‍टम को दुरुस्‍त करने के लिए यह आसन बताया जाता है।
– कपोतासन के अभ्यास के दौरान पेट पर पड़ने वाले दबाव से एक्स्ट्रा फैट कम होता है, जिसका असर आपके वजन पर भी होता है।
– पेट की कई समस्याओं के लिए कपोतासन का अभ्यास करना काफी कारगर साबित होता है। इसके अभ्यास से पाचन क्रिया ठीक रहती है।
– जो लोग अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से परेशान है, उनके लिए यह आसन बेहद फायदेमंद माना जाता है।
– इस आसन के दौरान एड़ियों, जांघों, जोड़ों, पेट, सीने समेत शरीर के कई अंगों पर खासा दबाव पड़ता है जिससे शरीर को मजबूती मिलती है।
– बल्ड सर्कुलेशन को ठीक रखने के लिए भी कपोतासन लाभकारी साबित होता है।

ऐसे करें कपोतासन : इस आसन को करने से पहले ध्यान रहे की आपका पेट भरा हुआ न हो। कपोतानस करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं और दोनों हाथों को कमर के नीचे की तरफ जमीन पर रखें। अब हथेलियों की सहायता से धीरे-धीरे पीछे की ओर मुड़ें। कमर को धीरे-धीरे मोड़ते हुए अपने सिर के ऊपरी हिस्से को पीछे की तरफ ले जाएं और जमीन पर टिकाने की कोशिश करें। हाथों को सिर के पीछे रखें और हथेलियों की सहायता से जांघों को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करें। अब आप पूरी तरह कपोतासन की स्थिति में हैं। इस स्थिति में थोड़ी देर रुकने के बाद गहरी सांस लेते हुए वापस वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। करीब 5 से 7 बार इस आसन का अभ्यास करें।

नोट : गर्भावस्था और पीरियड्स के दौरान कपोतासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। इस आसन के अभ्यास से पहले पेट साफ होना चाहिए। अगर घुटनो या टखनों में किसी तरह की समस्या है तो इस आसन का अभ्यास ना करें। अगर हाथ और पैर में मोच या चोट लगी हो तो इस आसन को करने से बचें।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 परामर्श: खुद में खोजें ज्ञान और विश्वास का खजाना
2 आम को और भी स्वादिष्ट बना देगी यह डिश, ऐसे बनाएं मैंगो सालसा
3 प्रेग्नेंसी के दौरान गैस की समस्या से हैं परेशान तो इन बातों का रखें ख्याल, होगा फायदा
यह पढ़ा क्या?
X