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ऐसे कीजिए सुखासन, पीठ दर्द और तनाव से मिलेगा छुटकारा

यह आसन करना जितना आसान है उतने ही ज्यादा इसके फायदे हैं। जो लोग अधिक तनाव में रहते हैं और स्वाभाव चिड़चिड़ा होने लगा है। उन लोगों के लिए सुखासन का अभ्यास करना लाभदायक होता है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

योग, आज कल की भागदौड़ वाली जिंदगी के लिए बेहद जरूरी हो गया है। रोजाना नियमित रूप से योग करने पर शरीर को कई फायदे होते हैं। इसके जरिए मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है, मान को शांति मिलती हैं, शरीर लचीला और स्वस्थ रहता है और कई रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है। आइए आज आपको सुखासन योग के बारे में बताते हैं। सुखासन का शाब्दिक अर्थ है सुख देने वाला आसन है। यह आसन करना जितना आसान है उतने ही ज्यादा इसके फायदे हैं। जो लोग अधिक तनाव में रहते हैं और स्वाभाव चिड़चिड़ा होने लगा है। उन लोगों के लिए सुखासन का अभ्यास करना लाभदायक होता है। आइए जानते हैं सुखासन करने का सही तरीका और इसके फायदे।

सुखासन करने का सही तरीका : यह आसन करना बेहद आसान और सरल है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर चटाई या दरी बिछा लें। अब अपने दोनों पैरों को सामने और सीधे रखें। दोनों पैरों की एड़ियों जंघा के नीचे रखकर पलथी की अवस्था में बैठ जाएं। इस आसन को करने के लिए पीठ और मेरुदंड को बिल्कुल सीधा होना चाहिए, आप अधिक झुके हुए न हो। हथेलियों को पालती के ऊपर ओर करके रखें। इस अवस्था में आने के बाद दोनों कंधों को ढीला छोड़ते हुए सांस अंदर लें और फिर बाहर छोड़ें। अब सिर को ऊपर उठाते हुए पूरा ध्यान अपनी श्वास क्रिया पर लगाएं। इस दौरान दोनों आंखें बंद होनी चाहिए। अब पूरी तरह सुखासन योग की पोजिशन में हैं। इस योग को करीब 25 से 30 बार करें।

सुखासन के फायदे :

– सुखासन के नियमित अभ्यास से आपको तनाव से मुक्ति मिलेगी और मन शांत रहेगा।

– जिन लोगों को गुस्सा जल्दी आता है और गुस्से में आपा तक खो बैठते हैं, उनके लिए यह योग काफी लाभदायक होता है।

– स्टूडेंट्स के लिए सुखासन का अभ्यास काफी लाभदायक होता है। इससे अभ्यास से स्टूडेंट्स को ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलती है।

– सुखासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और पीठ के दर्द से छुटकारा मिलता है।

– इस आसन को करने से चित्त शांत और मन एकाग्रचित्त होता है।

– पालथी मारकर बैठने से पैरों जोड़ों में खिचाव होता है, जिससे घुटनों और पैरों में दर्द नहीं होता।

– यह आसन इतना आसन है कि इसे कभी भी किया जा सकता है। आप खाना खाने के वक्त भी पालथी मारकर बैठ सकते हैं।

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