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हाई बीपी से लेकर तनाव दूर करने के लिए कारगर है चंद्रभेदी प्राणायाम, जानिए विधि और लाभ

चंद्रभेदी प्राणायाम आखों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बेहद कारगर साबित होता है। जो लोग आंखों के धुंधलेपन से परेशान हैं उन्हें इस आसन का नियमित अभ्यास करना चाहिए। इसके नियमित अभ्यास से मन को शांति मिलती है और तनाव दूर होता है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

योग, हमारे बदलते लाइफस्टाइल के लिए बेहद लाभदायक होता है। रोजाना योग के नियमित अभ्यास से हम खुद को स्वस्थ और रोग मुक्त रख सकते हैं। योग शरीर को मजबूत, लचीला और फ्रैश रखता है। इसके अलावा योग करने से मानसिक तनाव से भी छुटाका पाया जा सकता है। वैसे तो ऐसे बहुत से योगासन हैं जिनके अभ्यास से खुद को फिट रखा जा सकता है, लेकिन आज हम आपको चंद्रभेदी प्रणायाम के बारे में बता रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर से परेशान लोगों के लिए चंद्रभेदी प्राणायाम बेहद लाभकारी साबित होता है। इसके अभ्यास से चंद्र नाड़ी क्रियाशील हो जाती है इसलिए इसे चंद्रभेदी प्राणायाम कहा जाता है। सुबह के समय खाली पेट चंद्रभेदी प्राणायाम करना फायदेमंद होता है। इस योगासन को करते समय ध्यान रखें कि शुरुआत में इसकी अवधि अधिक न हो, धीरे-धीरे अवधि बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे करें चंद्रभेदी प्राणायाम और इसके फायदे।

चंद्रभेदी प्राणायाम के फायदे-

– चंद्रभेदी प्राणायाम आखों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बेहद कारगर साबित होता है। जो लोग आंखों के धुंधलेपन से परेशान हैं उन्हें इस आसन का नियमित अभ्यास करना चाहिए।
– इसके नियमित अभ्यास से मन को शांति मिलती है और तनाव दूर होता है।
– हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान लोग इस प्राणायाम का अभ्यास कर सकते हैं। इससे नियमित अभ्यास से हाइपरटेंशन या हाई बीपी में फायदा होता है।
– इस प्राणायाम को करने से स्किन प्रॉब्लम से छुटकारा पाया जा सकता है।
– जो लोग हार्ट पेशेंट हैं उन्हें चंद्रभेदी प्रणायाम करना चाहिए। इससे बल्ड सर्कुलेशन को ठीक रखा जा सकता है, जिससे हार्ट प्रॉब्लम में फायदा होता है।
– पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए यह प्राणायाम काफी कारगर साबित होता है। इसके अभ्यास से पेट की गर्मी की गर्मी दूर होती है।
– चंद्रभेदी प्राणायम करने से मुंह के छाले ठीक हो सकते हैं।
– इस प्रणायाम का नियमित अभ्यास करने वाले लोग फ्रैश महसूस करते हैं।

ऐसे करें चंद्रभेदी प्राणायाम : इस प्राणायम को करने के लिए सबसे पहले सुखासन में बैठ जाएं। आंखें बंद करके दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नाक के छेद को बंद करें। बाईं नाक के छेद से सांस लें और दाईं ओर से सांस बाहर छोड़ें। यह एक चक्र चंद्रभेदी प्राणायाम कहलाता है। इसके अभ्यास के दौरान अपना पूरा ध्यान सांस पर केंद्रित करें और मन शांत रखें। शुरुआत में चंद्रभेदी प्राणायाम का अभ्यास 10 से 15 बार करें। हालांकि धीरे-धीरे इस प्राणायाम का अभ्यास बढ़ाया जा सकता है।

नोट : जिन लोगों को दमा, कफ रोग और लो ब्लडप्रेशर की शिकायत है उन्हें चंद्रभेदी प्रणायाम नहीं करना चाहिेए। इसके अलावा सर्दियों के मौसम में चंद्रभेदी प्रणायाम का अभ्यास करना हानिकारक हो सकता है।

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