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प्रेग्नेंसी में इन 6 तरीकों से करें अपनी किडनी की देखभाल

प्रेग्नेंसी में किडनी की लंबाई करीब एक सेंटीमीटर तक बढ़ सकती है। इसके अलावा किडनी संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्सन।

प्रतीकात्मक चित्र

प्रेग्नेंसी के दौरान शिशु के विकास से गर्भाशय का बढ़ना आम बात है। इस दौरान प्रेग्नेंट महिला का वजन भी करीब 8 से 12 किलोग्राम बढ़ जाता है। जिसकी वजह से शरीर के अंदरूनी अंगों यानी दिल और किडनी का काम भी बढ़ जाता है। ऐसे में किडनी में कई तरह के बदलाव आते हैं। प्रेग्नेंसी में किडनी की लंबाई करीब एक सेंटीमीटर तक बढ़ सकती है। इसके अलावा किडनी संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किडनी की समस्या होने पर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन हो सकते हैं। आइए आज हम आपको प्रेग्नेंसी के दौरान किडनी की देखभाल करने के तरीके बताते हैं।

डिहाइड्रेशन से बचें: प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में पानी की कमी हो सकती है। जिसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाएं खुद को डिहाइड्रेट रखने की कोशिश करें। खूब पानी पीएं। इससे यूटीआई की समस्या को दूर करने भी मदद मिलेगी।

व्यायाम: वजन को कंट्रोल रखने और फिट रहने के लिए एक्सरसाइज बेहज जरूरी होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान भी एक्सरसाइज करना जरूरी होता है। हालांकि ज्यादा और हार्ड वर्कआउट से बचने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसा करने से आप फिट और तनावमुक्त महसूस करेंगी।

डाइट का रखें खास ख्याल: आमतौर पर भोजन की कमी के चलते किडनी संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हाई बीपी और डायबिटीज का कारण भी खराब हो सकती है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान डाइट का खास ध्यान रखना ज्यादा जरूरी हो जाता है।

धूम्रपान और शराब से रहें दूर: इन दिनों जितना हो सके शराब और स्मोकिंग से दूर रहना चाहिए। क्योंकि ये आदतें किडनी पर सबसे ज्यादा और जल्दी बुरा असर करती हैं। ये किडनी संबंधी रोगों के खतरे को बढ़ा सकती हैं।

दवाईयां लेते समय बरतें सावधानी: प्रग्नेंसी के दौरान दवाईयों के अधिक सेवन से बचना चाहिए। इसके अलावा खुद से या किसी अनजान की सलाह से ली गई दवाई किडनी पर बुरा असर डाल सकती है। इसलिए अच्छे डॉक्टर की सलाह से केवल जरूरत वाली दवाईयों का सेवन करें।

रूटीन चेकअप: प्रेग्नेंट महिला के लिए लगातार रूटीन चेकअप करना बेहद जरूरी होता है। अगर आपको किडनी संबंधी परेशानियां होने का अभास हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर्स के मुताबिक प्रेग्नेंसी के दौरान हर चौथे महीने में किडनी की जांच कराते रहना चाहिए।

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