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30’s में पहुंच चुकीं महिलाएं अपनी हेल्थ को लेकर अकसर करती हैं ऐसी गलतियां, हो जाएं सावधान

20 से 40 वर्ष की उम्र वाली कामकाजी महिलाएं जीवनशैली संबंधी बीमारियों से ग्रस्त होती हैं। इस उम्र में महिलाओं को पीठ दर्द, मोटापा, डिप्रेशन, डायबिटीज और हाइपरटेंशन की समस्याएं हो सकती हैं।

Author Updated: August 6, 2018 2:26 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 30 की उम्र तक महिलाओं की परिवारिक जिम्मेदारियों के साथ ऑफिस या बच्चों की देखभाल का जिम्मा बढ़ जाता है। ऐसे में वे खउद अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पातीं। हालांकि महिलाओं को इस उम्र में अपनी सेहत का दोगुना ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि एक सर्वे के अनुसार, 20 से 40 वर्ष की उम्र वाली कामकाजी महिलाएं जीवनशैली संबंधी बीमारियों से ग्रस्त होती हैं। 40 प्रतिशत महिलाओं में पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम पाया जाता है, जबकि 42 प्रतिशत महिलाएं पीठ दर्द, मोटापा, डिप्रेशन, डायबिटीज, हाइपरटेंशन से ग्रस्त पाई गईं। इन समस्याओं के और भी कई कारण हो सकते हैं। आइए आज हम आपको उन गलतियों के बारे में बताते हैं जो 30 साल की उम्र के बाद अकसर महिलाएं कर बैठती हैं।

एक्सरसाइज का वक्त न निकालना: हर किसी के लिए स्वस्थ रहना आवश्यक होता है। स्वस्थ शरीर के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करना जरूरी होता है। लेकिन बढ़ती उम्र के साथ ही महिलाएं खुद की फिटनेस का ध्यान रखना कम कर देती हैं। उनका मानना है कि इस उम्र में एक्सरसाइज का समय नहीं होता। महिलाओं की यह गलती बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए महिलाओं को एक्सरसाइज के लिए वक्त जरूर निकालना चाहिए।

अधकि वक्त तक बैठे रहना: अकसर ऑफिस में काम करने वाली महिलाएं करीब 8 से 9 घंटे बैठी रहती हैं। यह महिलाओं के लिए नहीं बल्कि हर किसी के लिए नुकसानदायक होता है। इससे बचने के लिए महिलाओं को बीच-बीच में थोड़ा घूम लेना चाहिए। थोड़े वक्त के लिए लिया गया ब्रेक भी काफी फायदेमंद होता है।

एक्सरसाइज रूटीन न होना: अच्छी सेहत के लिए वर्कआउट जरूरी है लेकिन वर्कआउट के लिए पहले से प्लान या एक्सरसाइज रूटीन तैयार करना जरूरी होता है। महिलाएं बाकी कामों में इतनी व्यस्त रहती हैं कि उन्हें एक्सरसाइज के लिए रूटीन तैयार करना आसान नहीं होता है। इसलिए महिलाएं घर में ही कई तरह की एक्सरसाइज कर सकती हैं। जैसे- जंपिंग जैक, पुश अप्स, पुल अप्स, स्ट्रैचिंग, स्कीपिंग और कई तरह की एक्सरसाइज।

अधिक तनाव लेना: आज ज्यादातर कामकाजी महिलाओं में एक्सोजिनस डिप्रेशन देखने को मिल रहा है। यह घरेलू परेशानी, आर्थिक समस्या, रिश्तों में अनबन, काम का दबाव, आराम में कमी से होता है। तनाव की स्थिति में गुस्सा करना, बातों को भूलना, एकांत में रहने की इच्छा, बात न करना आदि आदतें नजर आती हैं। इससे उबरने के लिए साइकोथेरेपी क्लासेज लें। खुद को खुश रखें, मेडिटेशन करें, अच्छा और मधुर संगीत सुनें।

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