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बच्चों के चिड़चिड़ेपन से परेशान पैरेंट्स इन बातों का रखें ध्यान

पैरेंट्स की यह आम शिकायत है कि उनका बच्चा बहुत चिड़चिड़ा है। उसे बहुत गुस्सा आता है और चीखने चिल्लाने से परेशान होकर कई बार वे भी चिड़चिड़ेपन के शिकार हो जाते हैं। इससे पेरशानी कम होने के बजाए बढ़ने के चांसेज ज्यादा होते हैं।

अकसर बच्चों का गुस्सा या हर बात पर नाराज होना आम बात होती है। लेकिन कई बार यह चिड़चिड़ापन जरूरत से ज्यादा हो जाता है। ऐसी स्थिति को नजरअंदाज करना समस्या को बढ़ावा देने के बराबर होता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पहले के मुकाबले बच्चों में चिड़चिड़ेपन की समस्या बढ़ती जा रही है। आज, पैरेंट्स की यह आम शिकायत है कि उनका बच्चा बहुत चिड़चिड़ा है। उसे बहुत गुस्सा आता है और चीखने चिल्लाने से परेशान होकर कई बार वे भी चिड़चिड़ेपन के शिकार हो जाते हैं। इससे पेरशानी कम होने के बजाए बढ़ने के चांसेज ज्यादा होते हैं। आइए जानते हैं बच्चों के चिड़चिड़ेपन से परेशान पैरेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

आराम से बात करें: बच्चों के साथ किसी तरह का बुरा रवैया न अपनाएं। अक्सर माता-पिता या बड़ों की आदत होती है बच्चों को छो-छोटी बात पर डांट देते हैं। बच्चों की छोटी सी गलती के लिए हाथ भी उठा देते हैं। अपने इस रवैये से पैरेंट्स अपना गुस्सा तो निकाल लेते हैं लेकिन इससे बच्चे के अंदर गुस्सा भर देते हैं इसलिए जरूरी है कि बच्चे पर किसी तरह का बुरा रवैया न अपनाया जाए।

बच्चों की बात सुनें: कई बार पैरेंट्स अपने कामों में इतना उलझ जाते हैं कि बच्चों को दिया जाने वाला समय कम हो जाता है। जब बच्चों की बात को अनसुना किया जाता है तो वे नाराज हो जाते है इससे बच्चों में चिड़चिड़पन बढ़ता है। अपने बच्चे को गुस्से से बचाने के लिए उन्हें भरपूर समय दें और उनकी बात सुनें।

गुस्से की वजह जानने की कोशिश करें: बच्चों के पास अक्सर ही गुस्सा करने का कारण होता है। वह कारण माता-पिता के लिए छोटा या बड़ा, तार्किक या बेकार कैसा भी हो सकता है। सबसे पहले और अहम् बात की जब आपका बच्चा गुस्सा करे तो उसके गुस्से की वजह जानने की कोशिश करे और उसके अनुसार बच्चे पर नियंत्रण करने की कोशिश करें।

बच्चों का ध्यान दूसरी तरफ लगाएं: जब भी बच्चा गुस्सा करे तो उसे कही बाहर ले जाकर उसका ध्यान दूसरी जगह लगाने की कोशिश करें। इससे बच्चे के गुस्सा होने और चिड़चिड़पन होने के चांस कम होंगे। इसके अलावा बच्चे को कोई किताब देकर उसका ध्यान कही ओर लगाने की कोशिश करें।

मनोचिकित्सक की सलाह लें: बच्चा यदि बात-बात पर रोने लगता है, हर एक बात पर जिद्द करता और ऐसा दिन में कई बार हो रहा है तो ऐसे में बच्चे को मनोचिकित्सक की सलाह लेने से कभी घबराएं नहीं, वहां आप को समाधान मिलेगा, नहीं तो यह समस्या आगे चलकर बढ़ सकती है।