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डायबिटीज, अस्थमा और थायरॉयड रोगियों के लिए लाभदायक है धनुरासन, जानिए विधि और फायदे

अस्थमा के रोगियों के लिए यह आसन बहुत लाभदायी है। इसके अभ्यास से सीने में अच्छा खासा खिंचाव आता है और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है जो अस्थमा रोगियों के लिए बहुत जरूरी है।

धनुरासन।(फोटो सोर्स- यूट्यूब)

योग हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हो गया। भागदौड़ वाली जिंदगी में थोड़ी देर के लिए किया गया योगासन अभ्यास भी प्रभाव डालता है। यह शरीर को लचीला और सुंदर तो बनाता ही है, साथ ही कई रोगों से लड़ने की शक्ति भी प्रदान करता है। योग के नियमित अभ्यास से मन को शांति मिलती है और पूरा दिन हम फ्रैश महसूस करते हैं। इसके अलावा योग तनाव से छुकारा पाने के लिए भी कारगर साबित होता है। आइए आज हम आपको धुरासन के बारे में बताते हैं। धुनरासन के अभ्यास से कई रोगों में लाभ होता है, इसमें डायबिटीज, अस्थमा, कब्ज और थायरॉयड जैसे रोग भी शामिल हैं। दरअसल, इस आसन के दौरान हमारे शरीर की स्थिति धनुष के समान होती है, इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है। वहीं अग्रेंजी भाषा में इसे बॉ पोज कहा जाता है। इस आसन का अभ्यास सुबह के समय और शाम के समय खाली पेट करना अधिक फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं कैसे किया जाता है धनुरासन और इसके फायदे।

धनुरासन के फायदे

– इस आसन को करने से डायबिटीज के रोगियों को फायदा होता है। इसके अभ्यास से पैंक्रियास उत्तेजित होता है और इन्सुलिन के स्राव में मदद मिलती है, जिससे शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

– डिप्रेशन से छुटकारा पाने के लिए भी धनुरासन का अभ्यास काफी कारगर साबित होता है।

– बढ़ते वजन से परेशान लोगों के लिए इस योगासन का अभ्यास करना अच्छा रहता है। धनुरासन करने से पेट की चर्बी कम होती है और शरीर में एक्स्ट्रा फैट नहीं बनता।

– पेट की कई समस्याओं के लिए धनुरास का अभ्यास लाभदायक होता है।

– यह आसन कमर दर्द से निजात पाने के लिए काफी कारगर साबित होता है। इसका रोजाना नियमित अभ्यास करने से हमेशा के लिए कमर दर्द से छुटकारा मिल सकता है।

– अस्थमा के रोगियों के लिए यह आसन बहुत लाभदायी है। इसके अभ्यास से सीने में अच्छा खासा खिंचाव आता है और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है जो अस्थमा रोगियों के लिए बहुत जरूरी है।

– इस योगासन के अभ्यास से कब्ज और अपच को दूर किया जा सकता है। यह आसान सही तरीके से एंजाइम के स्राव में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

– थायरॉयड के रोगियों के लिए भी धनुरास का अभ्यास फायदेमंद होता है। इस आसन को करने के दौरान गल ग्रंथी पर दबाव पड़ता है, जिससे हॉर्मोन्स को मदद मिलती है।

ऐसे करें धनुरासन का अभ्यास : इस आसन को करने के लिए जमीन पर एक चटाई बिछाकर मुंह के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को जांघ के पास सीधा रखें। अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए अपने घुटनों को मोड़े और एडियों को जितना हो सके ऊपर की ओर मोड़े। जब एड़िया दोनों कूल्हों तक आ जाएं तब अपनें दोनों हाथों से दोनों पैरों पकड़ लें, इस दौरान दोनों कुहनियों से सीधी होनी चाहिए। अब धीरे-धीरे सांस अंदर लेते हुए दोनों पैरों को पीछे की ओर खींचे। सिर और गर्दन को ऊपर उठाने की कोशिश करें और पीछे की तरफ झुकाएं। अगर इस दौरान गर्दन में दर्द होने लगे तो ज्यादा ताकत न लगाएं। जब तक हो सके इस स्थिति में रहें, अब आप धनुरासन के पोज में हैं। अब धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं। धनुरासन का अभ्यास कम से कम 5 से 10 बार करें।

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