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पेट की छोटी-बड़ी समस्या के लिए बेहद कारगर है मंडूकासन, फायदे जानकर ऐसे करें अभ्यास

पेट के कई मर्जों के लिए मंडूकासन का नियमित अभ्यास काफी लाभकारी होता है। मंडूकासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती हैं। इस आसन के अभ्यास से इस आप खुद को रिलैक्स महसूस करेंगे।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

योग के नियमित अभ्यास से शरीर, मन और आत्म को शांति मिलती है। शरीर सुडौल, लचीला और मजबूत होता है। इसके अभ्सास से स्ट्रेस को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आजकल की इस व्यस्त दिनचर्या और काम के बढ़ते बोझ से ज्यादातर लोग स्ट्रेस में हैं। योग आपको आधुनिक जीवन के इस तनाव को दूर करने में भी मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से नींद ना आने की समस्या भी दूर होती है, शरीर के संतुलन में सुधार होता है और मांसपेशियों की टोन को विकसित करने में सहायता मिलती है। आइए आज हम आपको ऐसे योगासन के बारे में बताते हैं जिसके नियमित अभ्यास पेट की कई समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है, हम बात कर रहे हैं मंडूकासन की। इस आसन के दौरान शरीर की स्थिति मेंढ़क के समान होती है इसलिए इसे मंडूकासन कहा जाता है। आइए जानते हैं कैसे करें मंडूकासन और इसके फायदे।

मंडूकासन के फायदे-

– इस आसन के नियमित अभ्यास से जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उन्हें फायदा होगा।
– इसके अभ्यास से गैस की समस्या दूर होती है।
– पेट के कई मर्जों के लिए मंडूकासन का नियमित अभ्यास काफी लाभकारी होता है।
– मंडूकासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती हैं।
– इस आसन के अभ्यास से इस आप खुद को रिलैक्स महसूस करेंगे।
– मानसिक तनाव से छुटकारा पाने के लिए यह आसन काफी कारगर साबित होता है।
– जो लोग बढ़ते वजन और पेट के एक्स्ट्रा फैट से परेशान है, उन्हें इस आसन का नियमित अभ्यास शुरू कर देना चाहिए।
– जोड़ों के दर्द की समस्या से छुटकारा पाने के लिए इस आसन का अभ्यास लाभकारी साबित होता है।

ऐसे करें मंडूकासन : इस आसन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर कुछ देर के लिए पैरों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएं। थोड़ी देर दंडासन की अवस्था में बैठने के बाद वज्रासन यानी पैरों को घुटनों से पीछे की ओर मोड़कर बैठ जाएं। अब दोनों के अंगूठे को हथेलियों के बीच रखकर मुट्ठी बंद कर लें। दोनों मुट्ठियों को नाभि के दोनों ओर लगाकर सांस बाहर निकालते हुए सामने की ओर झुकें। अपने सीने को जांघों तक और सिर जमीन तक लेकर जाएं। अब आप पूरी तरह मंडूकासन में हैं। थोड़ी देर इस आसन में रहने के बार वापस वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं। इस आते हुए ठोड़ी को भूमि पर टिका दें। थोड़ी देर इसी स्थिति में रहने के बाद वापस वज्रासन में आ जाएं। इस आसन का अभ्यास 8 से 10 बार करें।

नोट : जिन लोगों को हाई बल्ड प्रेशन, कमर दर्द, गर्दन दर्द, या हार्ट प्रॉब्लम हो वो इस आसन का अभ्यास न करें। इसके अलावा स्लिप डिस्क और ऑस्टियोपॉरोसिस की समस्या वाले लोगों को मंडूकासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही इस आसन का अभ्यास करें।

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