खाली पेट चाय-कॉफी या जूस पीने की आदत क्या सेहत को पहुंचा नुकसान सकती है? क्या आप भी इस कंफ्यूजन में रहते हैं कि सुबह सबसे पहले क्या पिएं और क्या नहीं? तो यहां डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट से जानेंगे खाली पेट किन चीजों से बचना चाहिए। बहुत सारे लोग दिन की शुरुआत चाय या कॉफी से करते हैं। वहीं बहुत से लोगों को लगता है सुबह जूस पीना हेल्दी होता है।
न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम वीडियो में उन चीजों की लिस्ट शेयर की, जिन्हें उनके अनुसार खाली पेट नहीं खाना या पीना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि दिन की शुरुआत अनानास और सेब जैसे खट्टे फलों, ग्रीन टी, चाय, कॉफी, मसालेदार भोजन और फलों के जूस से नहीं करनी चाहिए।
क्या वास्तव में खाली पेट इन चीजों का सेवन नुकसान पहुंचाता है?
इंडिया एक्सप्रेस से हुई बातचीत में इस सवाल पर KIMS हॉस्पिटल, ठाणे के मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और एंडोस्कोपी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. सुजीत नायर का कहना है कि खाने-पीने की चीजों को खाली पेट बिल्कुल न खाने की बात अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जाती है।
उनके मुताबिक, ज्यादातर स्वस्थ लोगों के लिए सेब, खट्टे फल, अनानास, चाय, कॉफी या फलों का जूस नुकसानदायक नहीं होते। असल बात यह है कि किसी व्यक्ति का डाइजेस्टिव सिस्टम कितना संवेदनशील है और उसकी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति कैसी है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को इन चीजों से परेशानी हो सकती है, लेकिन ऐसा कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जो यह साबित करता हो कि सुबह खाली पेट इनका सेवन करने से डाइजेस्टिव सिस्टम को नुकसान पहुंचता है।
डॉ. नायर कहते हैं, कई अध्ययनों से पता चलता है कि पेट में एसिडिटी बढ़ाने वाली चीजें उन लोगों में परेशानी बढ़ा सकते हैं जिन्हें एसिड रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस या अपच की समस्या होती है। वहीं, चाय और कॉफी पेट में एसिड बनने की प्रोसेस को बढ़ा सकती हैं, जबकि फलों के जूस में फाइबर की कमी होने के कारण ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि, ऐसा कोई निश्चित नियम नहीं है कि सुबह सबसे पहले इन चीजों का सेवन करने से पेट को नुकसान ही होगा।
अब जानिए खाली पेट किन चीजों का सेवन करने से क्या असर पड़ सकता है?
खट्टे फल और अनानास
खट्टे फल और अनानास में प्राकृतिक रूप से एसिड की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इन्हें लेकर अक्सर चिंता जताई जाती है। डॉ. नायर का कहना है कि ये केवल कुछ विशेष लोगों के लिए ही समस्या पैदा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन फलों में प्राकृतिक एसिड भरपूर मात्रा में होता है। जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्राइटिस की समस्या है, उन्हें इनका सेवन करने के बाद सीने में जलन या पेट में असहजता महसूस हो सकती है। ज्यादातर लोगों के लिए ये फल सुरक्षित और फायदेमंद हैं तथा शरीर इन्हें आसानी से पचा लेता है।
सेब
डॉ. नायर के अनुसार, सेब डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें फाइबर और प्रीबायोटिक्स मौजूद होते हैं, जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया के विकास में मदद करते हैं। खाली पेट सेब खाने से कोई विशेष नुकसान नहीं होता।
चाय और कॉफी
डॉ. नायर ने बताया कैफीन पेट में एसिड बढ़ा सकता है। कुछ लोगों को बिना कुछ खाए चाय या कॉफी पीने से एसिडिटी, पेट फूलना, मतली या घबराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को कैफीन से कोई संवेदनशीलता नहीं होती, उन्हें आमतौर पर ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
मसालेदार भोजन
डॉ. नायर कहते हैं, संवेदनशील लोगों में मसाले पेट की अंदरूनी परत में जलन पैदा कर सकते हैं। इतना ही नहीं गैस्ट्राइटिस, एसिड रिफ्लक्स या पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।
फलों का जूस
यूं तो लोगों को लगता है कि फलों का जूस बहुत हेल्दी ऑप्शन है। लेकिन पोषण के लिहाज से यह साबुत फलों से अलग होता है। डॉ. नायर बताते हैं, ताजे फलों के जूस से विटामिन तो मिलते हैं, लेकिन इनमें साबुत फलों की तुलना में फाइबर काफी कम होता है। खाली पेट जूस पीने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस नहीं होता।
सुबह सबसे पहले क्या खाना चाहिए?
क्या नहीं खाना चाहिए, इस पर ज्यादा ध्यान देने के बजाय डॉ. नायर संतुलित नाश्ता करने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार, सुबह के भोजन में पर्याप्त हाइड्रेशन, प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स का संतुलन होना चाहिए। उनके मुताबिक आप नाश्ते में ताजे फल, भीगे हुए मेवे, दही, अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स), अंडे, सब्जियों से बनी चीजें, मूंग दाल का चीला जैसी चीजें खा सकते हैं।
किन लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए?
डॉ. नायर का कहना है कि जिन लोगों को एसिड रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस, पेप्टिक अल्सर, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) या डायबिटीज जैसी समस्याएं हैं, उन्हें खाली पेट खाए जाने वाली चीजों को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख पब्लिक डोमेन में मौजूद जानकारी और विशेषज्ञों से मिली जानकारी पर आधारित है। कोई भी रूटीन शुरू करने से पहले हमेशा अपने हेल्थ प्रैक्टिशनर से सलाह लें।
