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प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में सोते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

पीठ के बल सोना इसलिए खतरनाक हो सकता है, क्योंकि पीठ के बल सोने से पूरा दबाव बच्चे पर आ जाता है। इसके अलावा पीठ के बल सोने से गर्भाशय का पूरा वजन पीठ, आंतों और निचली कैवा शिरा पर पड़ता है।

प्रतीकात्मक चित्र

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपनी और शिशु की सेहत का खास ख्याल रखना होता है। लेकिन प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में महिलाओं को कई बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है। जिसमें सोने को लेकर विशेष ध्यान रखा जाता है। हाल में सामने आई स्टडी रिपोर्ट में पाया गया है कि आखिरी महीने में पीठ के बल सोने से लेट प्रेग्नेंसी हो सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान सोने के तरीकों में की गई छोटी सी भूल भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती हैं। आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी के दौरान सोने को लेकर किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है।

दरअसल, एक अध्ययन से पता चला है सोने को लेकर कई गई गलतियों की वजह से तकरीबन 291 बच्चे मृत पैदा हुए जबकि 735 बच्चे स्वस्थ अवस्था में पैदा हुए। शोध में 100 महिलाओं को शामिल किया गया था और उनसे पूछा गया था कि वह सोते समय किस तरह की पोजिशन में होती हैं।

पीठ के बल सोना इसलिए खतरनाक हो सकता है, क्योंकि पीठ के बल सोने से पूरा दबाव बच्चे पर आ जाता है। इसके अलावा पीठ के बल सोने से गर्भाशय का पूरा वजन पीठ, आंतों और निचली कैवा शिरा पर पड़ता है, जिससे पीठ में दर्द, अपच, सांस लेने में परेशानी, बवासीर और बल्ड प्रेशर की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

वहीं दक्षिण ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय के प्रिंसिपल शोधकर्ता जेन वारलैंड का कहना है कि ‘हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि महिलाएं अपने कमर के चारों ओर एक डिवाइस पहनने से आराम से सो सकती हैं और यह उन्हें पीठ के बल सोने से रोक सकता है।’ इसके अलावा प्रेग्नेंसी में महिलाएं खासकर अंतिम तिमाही में सोते समय कमर के पीछे तकिया रखकर करवट लेकर सोएं। रात में जब भी कभी नींद खुले तो देखें कि आप किस अवस्था में सो रही हैं। कहीं नींद में आप कमर के बल तो नहीं हो गईं। अगर ऐसा हुआ हो तो तुरंत करवट बदल लें। अगर आप दिन में सो रहीं हैं तब भी करवट लेकर ही सोएं। इसके लिए आप दाएं अथवा बाएं कोई भी करवट लेकर सो सकती हैं।

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