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बीजेपी में जाने से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को लगवाया था एक बड़ा झटका, अपमान से आहत हुई थीं प्रियंका

कांग्रेस पार्टी छोड़ने के पीछे यूं तो ज्योतिरादित्य सिंधिया के कई कारण थे, लेकिन जाते-जाते भी वह कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए गए थे।

भारतीय जनता पार्टी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट विस्तार में कई नए चेहरों को जगह दी तो कई दिग्गज नेताओं की छुट्टी कर दी। कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है और उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्री का पद दिया गया। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीते साल मार्च में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। कांग्रेस छोड़ने से पहले वह पार्टी को बड़ा झटका भी दे गए थे। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक राशिद किदवई ने अपनी हालिया प्रकाशित किताब में ऐसा दावा किया है।।

किदवई ने अपनी किताब ‘द हाउस ऑफ सिंधियाज: ए सागा ऑफ पावर, पॉलिटिक्स एंड इंट्रीग’ में दावा किया है कि कांग्रेस की दिग्गज नेता रहीं प्रियंका चतुर्वेदी के पार्टी छोड़ने के पीछे एक वजह ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे। उनके मुताबिक ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा प्रियंका चतुर्वेदी के मामले को सही से हैंडल न करने के कारण पार्टी को दिग्गज नेता से हाथ धोना पड़ा था। बता दें कि अप्रैल, 2019 में प्रियंका चतुर्वेदी कांग्रेस से अलग हो गई थीं और शिवसेना का दामन थाम लिया था। उनके इस फैसले से सियासी गलियारे में तमाम लोग हैरान रह गए थे।

यूं तो प्रियंका चतुर्वेदी साल 2012 से ही उत्तर-पश्चिमी कांग्रेस विंग की अपर सचिव थीं, लेकिन 2012 से 2014 के दौरान वह कांग्रेस का सबसे चर्चित चेहरा बनकर सामने आईं। उन्होंने टीवी चैनल डिबेट से लेकर सोशल मीडिया तक में पार्टी का जोरदार तरीके से पक्ष रखा। किताब के मुताबिक ज्योतिरादित्य सिंधिया ही प्रियंका चतुर्वेदी के कांग्रेस छोड़ने का एक प्रमुख कारण थे। कहा यह भी गया था कि वो पार्टी द्वारा उत्तर मुंबई से टिकट न देने की बात से भी नाराज थीं।

ऐसे बढ़ी थी नाराजगी: सितंबर, 2018 में प्रियंका चतुर्वेदी ने राहुल गांधी के आदेशानुसार राफेल मामले को लेकर मथुरा में एक मीडिया ब्रीफिंग आयोजित की थी। मथुरा में मीडिया से बातचीत के दौरान कथित तौर पर एक स्थानीय कांग्रेस नेता के इशारे पर प्रियंका चतुर्वेदी संग कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं ने दुर्व्यवहार किया। उन्होंने हड़बड़ी में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़ दी थी।

इस घटना के वक्त ज्योतिरादित्य सिंधिया पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एआईसीसी के अपर सचिव थे, जो पार्टी की महिला नेता की गरिमा की रक्षा के लिए भी सीधे तौर पर जिम्मेदार थे। प्रियंका चतुर्वेदी ने मामले में जब राहुल गांधी से मदद की मांग की तो कांग्रेस नेता ने भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 8 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित भी कर दिया, साथ ही कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।

हालांकि बाद में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख राज बब्बर की सिफारिश पर उन आठों आरोपियों को बहाल कर दिया गया। इस बात से प्रियंका चतुर्वेदी को काफी धक्का लगा था और उन्होंने सोशल मीडिया पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

प्रियंका चतुर्वेदी के मामले में प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी ने भी हस्तक्षेप करने की कोशिश की थी, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज बब्बर ने कथित तौर पर मथुरा में ‘नाजुक’ राजनीतिक समीकरण का हवाला देते हुए दोषियों को बहाल करने के आदेश को पलटने से इंकार कर दिया था। प्रियंका चतुर्वेदी के जाने के कुछ महीनों बाद उर्मिला मातोंडकर ने भी कांग्रेस नेताओं पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

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