ज्योतिरादित्य सिंधिया को अमेरिका में नौकरी देने के लिए UN ने बदल दिया था नियम, जानिए क्या थी वजह

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था, ‘मैंने यूएन समेत कई बड़ी संस्थाओं में नौकरी की। मेरे लिए पूरा अनुभव कमाल का रहा। यूनाइटेड नेशन में जो प्रोग्राम है इंटर्नशिप के लिए वो ग्रेजुएट प्रोग्राम है। लेकिन मुझे अंडर-ग्रेजुएट में एडमिशन मिल गया।’

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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया। (express file photo)

बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया आज एक बड़ा नाम हैं। उनके पिता माधव राव सिंधिया भी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में रहे थे। माधव राव के निधन के बाद ज्योतिरादित्य ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। ज्योतिरादित्य ने राजनीति में कदम कांग्रेस का हाथ पकड़कर रखा था। लंबे समय तक कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के बाद साल 2020 में उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली थी। ज्योतिरादित्य ने अमेरिका की पढ़ाई की है और वह यहां लंबे समय तक नौकरी भी करते थे।

ज्योतिरादित्य की जब पहली बार अपनी पत्नी से मुलाकात हुई तो वह अमेरिका में ही रहते थे और शादी के बाद प्रियदर्शनी भी कुछ समय तक अमेरिका में रही थीं। ज्योतिरादित्य ने एक इंटरव्यू में बताया था कि अमेरिका में उन्हें नौकरी देने के लिए यूएन ने अपना नियम तक बदल दिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था, ‘मैंने यूएन समेत कई बड़ी संस्थाओं में नौकरी की। मेरे लिए पूरा अनुभव कमाल का रहा। यूनाइटेड नेशन में जो प्रोग्राम है इंटर्नशिप के लिए वो ग्रेजुएट प्रोग्राम है। लेकिन मुझे अंडर-ग्रेजुएट होते हुए भी वहां काम करने की अनुमति मिली।’

टीवी शो ‘कुछ लम्हे फुरसत के’ में ज्योतिरादित्य ने आगे बताया था, ‘मुझे ये मौका भी बिल्कुल अलग तरीके से मिला था। उन्होंने कहा कि हम अंडर-ग्रेजुएट को नौकरी नहीं देते तो मैंने उन्हें जाकर अपना पूरा केस बताया। उस एप्लीकेशन को देखकर उन्होंने नियमों में बदलाव किया और मुझे नौकरी दी। साल 1992 था तो उसी दौरान इराक और अमेरिका के बीच लड़ाई हुई थी। तो मैं किसी भी कमरे में दाखिल हो सकता था तो सिक्योरिटी काउंसिल में मैं दाखिल हुआ। इराक-अमेरिका की लड़ाई के दौरान भी मैं वहीं मौजूद था। कुछ ऐसा-ऐसा अनुभव मिला था मुझे।’

प्रियदर्शनी ने पति के लिए किया था चुनाव प्रचार: प्रियदर्शनी आमतौर पर अपने घर में ही रहती हैं। एक इंटरव्यू में उनसे घर के बारे में पूछ गया था, जिसके जवाब में उन्होंने कहा था, किसी भी महल में रहना एक फुलटाइम जॉब के बराबर है। ज्योतिरादित्य और प्रियदर्शनी के महल का नाम जयविलास है।

ये ग्वालियर स्थित एक आलीशान महल है। हालांकि साल 2019 में प्रियदर्शनी ने अपने पति ज्योतिरादित्य के समर्थन में चुनाव प्रचार भी किया था। ये पहली बार थी जब उन्हें सीधा चुनावी मैदान में किसी के समर्थन में देखा गया था। ज्योतिरादित्य ने अपने पिता माधव राव सिंधिया के आकस्मिक निधन के बाद राजनीति में आने का फैसला किया था।

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