Shab e Barat 2026 Date and History: शब-ए-बारात को इस्लाम में बहुत ही मुकद्दस (पवित्र) माना जाता है। इसे तौबा या मगफिरत (माफी की रात) कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों के लिए माफी के दरवाजे खोल देते हैं। शब-ए-बरात का आना इस बात की गवाही है कि बरकतों और रहमतों का महीना ‘रमजान’ बेहद करीब है।

शब-ए-बारात 2026 कब है?

शब-ए-बारात 2026, जो शाबान के महीने की 15 तारीख को मनाया जाएगा। यह मंगलवार, 3 फरवरी, 2026 की रात से शुरू होकर बुधवार, 4 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस दिन और अगले दिन तक कई लोग रोजा रखते हैं, जिसे फर्ज नहीं बल्कि नफिल रोजा कहा जाता है।

शब-ए-बारात का क्या है महत्व?

इस रात लोग जागकर नमाज पढ़ते हैं। कुरान की तिलावत करते हैं। साथ ही अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। लोग कब्रिस्तान जाकर पूर्वजों के लिए दुआ करते हैं। जो लोग दुनिया से रुखसत हो चुके होते हैं उनके लिए विशेष दुआ की जाती है। इस मौके पर नफिल रोजा रखने की भी परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों की हर दुआ सुनते हैं और उन्हें माफ कर देते हैं।

रमजान के पाक महीने से है संबंध

शब-ए-बारात के करीब 15 दिनों बाद रमजान का पाक महीना शुरू हो जाता है। रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे एक महीने तक अन्न-जल का त्याग कर रोजा रखते हैं। साथ ही अल्लाह की इबादत करते हैं।

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