भारत पूर्व से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक खूबसूरत शहरों, पहाड़ों, जंगलों, घाटियों और समुद्र तटों से समृद्ध है। जिसे जैसी जगह पसंद, वह वहां घूमने जा सकता है। चाहे आप आध्यात्मिकता से जुड़े हों, प्राकृतिक प्रेमी हों, समुद्र किनारे वक्त गुजारना पसंद हो या फिर शहर की नाइट लाइफ को एंजॉव करना हो, आपके पास घूमने के लिए ढेरों विकल्प मौजूद हैं। पहाड़ी इलाकों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर के अलावा भी कई और राज्य हैं जहां के हिल स्टेशनों को देखकर ऐसा लगता है मानो जमीन पर स्वर्ग उतर आया हो। आज हम बताएंगे एक ऐसे पहाड़ी क्षेत्र के बारे में जो समुद्र तल से 10,000 से 14,500 फीट की ऊंचाई पर बसा भारत के सबसे ऊंचे ठंडे रेगिस्तानी क्षेत्रों में से एक गिना जाता है। इस इलाके के आसपास की प्राकृतिक की वह खूबसूरती देखने को मिलती है, जिसे शायद ही आप कभी भूल पाएं।

दरअसल, यह कोई और नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की लाहौल और स्पीति घाटी है, जो समुद्र तल से औसतन 10,000 से 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। स्पीति के पहाड़ों पर आपको हरियाली नहीं देखने को मिलेगी। रास्ते इतने दुर्गम हैं कि उन्हें देखकर यकीन नहीं होगा कि, किस तरह पहाड़ों को काटकर रास्ता बनाया गया। लाहौल और स्पीति वैली की असली खूबसूरत बर्फबारी के समय देखने को मिलती है। इस दौरान ऐसा लगता है कि मानो स्वर्ग धरती पर उतर गया है। जिसके चलते इसे लोग भारत का सबसे ऊंचा ठंडा रेगिस्तान भी कहते हैं।

आज न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में हर साल प्रकृति प्रेमी लाहौल-स्पीती घूमने के लिए आते हैं। यह जगह हिमालय की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के अलावा बौद्ध संस्कृति, प्राचीन मठों, साफ नीले आसमान और ठंडे रेगिस्तान के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। लाहौल-स्पीति की संस्कृति पर तिब्बती बौद्ध धर्म का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है।

खूबसूरत जगहें

काजा

स्पीति घाटी का सबसे बड़ा कस्बा काजा है, जहां के घरों की बनावट तिब्बती शैली में बने हुए हैं। यहां पर आपको होटल, कैफे, बाजार और ट्रैवल से जुड़ी सुविधाएं आसानी से मिल सकती हैं। शाम के समय यहां का वातावरण काफी शांत हो जाता है और पहाड़ों के बीच बसे इस कस्बे का नजारा बेहद ही शानदार होता है।

की मठ

स्पीति में कई बौद्ध मठ हैं, जिसमें से एक सबसे प्रसिद्ध ‘की मठ’ भी है। इस मठ को लेकर कहा जाता है कि यह मठ लगभग 1,000 वर्ष पुराना है। की मठ ऊंचाई पर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। दूर से देखने पर इसकी इमारतें सीढ़ीनुमा शैली में बनी नजर आती हैं। यहां आपको बौद्ध भिक्षु शिक्षा और साधना करते नजर आएंगे। मठ से पूरी स्पीति घाटी और नदी का बेहद आकर्षक नजारा देखने को मिलता है।

चंद्रताल झील

अगर आप स्पीति जाएं तो चंद्रताल झील जरूर जाएं, यहां से जो नजारा देखने को मिलेगा उसे आप शायद ही कभी भूल पाएं। इस झील को मून लेक भी कहा जाता है, जो समुद्र तल से लगभग 4,300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसका आकार अर्धचंद्र (आधा चांद) जैसे नजर आता है। गर्मियों में झील का पानी साफ नीला नजर आता है और इसके आसपास की बर्फ से ढकी चोटियों का झील में सुंदर प्रतिबिंब दिखाई देता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का नजारा और भी ज्यादा मनमोहक हो जाता है। रात के समय आप यहां बैठकर साफ आसमान में हजारों तारों को निहार सकते हैं। इस दौरान ऐसा लगता है मानो पूरा आसमान धरती के बेहद करीब आ गया हो।

हिक्किम

दुनिया के सबसे ऊंचाई पर स्थित डाकघरों में से एक हिक्किम है, जो समुद्र तल से 4,440 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस छोटे से गांव के चारों तरफ फैले ऊंचे पहाड़, शांत वातावरण और साफ हवा के बीच आप प्रकृति की खूबसूरती को बेहद करीब से देख सकते हैं।

सिस्सू

लाहौल घाटी के खूबसूरत गांवों में से एक सिस्सू भी है, जो अटल सुरंग पार करते ही है। यह गांव अपने मनमोहक सिस्सू वॉटरफॉल, हरी-भरी घाटियों, बर्फ से ढके पहाड़ों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यहां चंद्रा नदी बहती है, जिसका नजारा काफी शानदार होता है।

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