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Diabetes Diet: डायबिटीज बॉर्डरलाइन पर है तो कैसा होना चाहिए खानपान? एक्सपर्ट से जानिये

बार्डरलाइन पर है तो छोटा-छोटा खाना बार-बार खाएं। खाने में बिना स्टार्च वाली सब्जियों और फलों का सेवन करें।

Diabetes Diet: डायबिटीज बॉर्डरलाइन पर है तो कैसा होना चाहिए खानपान? एक्सपर्ट से जानिये
अगर आप भी हैं डायबिटीज की बॉर्डर लाइन पर, तो घबराएं नहीं, बस अपना रूटीन ठीक करें, तनाव को कम करें और डाइट में कुछ खास फूड्स का सेवन करें। photo-freepik

डायबिटीज की बार्डर लाइन से मतलब है कि आपको डायबिटीज नहीं है लेकिन डायबिटीज होने के आसार है। बढ़ता तनाव लोगों को इस बीमारी की गिरफ्त में धकेल रहा है। खराब डाइट, बिगड़ते लाइफस्टाइल के अलावा तनाव प्रमुख कारण है जो लोगों को डायबिटीज जैसी बीमारी की ओर ले जा रहा है। अगर आप भी हैं डायबिटीज की बॉर्डर लाइन पर, तो घबराएं नहीं, बस अपना रूटीन ठीक करें, तनाव को कम करें और डाइट में कुछ खास फूड्स का सेवन करें।

खराब डाइट, तनाव और लाइफस्टाइल की गड़बड़ियों की वजह से कुछ लोग डायबिटीज की बार्डर लाइन पर पहुंच जाते हैं। अगर आपकी शुगर बार्डरलाइन पर है तो आप डाइट में कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें। डायबिटीज में सिर्फ मीठा और फैट ही नहीं बल्कि कार्बोहाइड्रेट पर भी कंट्रोल करें। विशेषज्ञ के मुताबिक कार्बोहाइड्रेट का सेवन ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ा सकता है।

अगर आप बॉर्डरलाइन पर है तो ग्लाइसेमिक इंडेक्स को जानने का यह सही समय है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स बताता है कि कार्बोहाइड्रेट कितनी तेजी से ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ाता है। 55 या उससे कम के ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम माना जाता है, 70 या उससे अधिक को हाई ग्लाइसेमिक माना जाता है। डाइट में कम ग्लाइसेमिक फूड्स का सेवन करके आप शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि अगर आपकी शुगर बॉर्डर लाइन पर है तो आप उसे कैसे कंट्रोल कर सकते हैं।

खाने के पैटर्न का ध्यान रखें:

बार्डरलाइन पर है तो छोटा-छोटा खाना बार-बार खाएं। खाने में बिना स्टार्च वाली सब्जियों और फलों का सेवन करें। डाइट में लीन मीट, हेल्दी वसा, कम जड़ वाली सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करें। अगर खाने के बाद मीठा खाने की क्रेविंग होती है तो आप कोई मीठा फल खा सकते हैं। फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मीठे फूड की तुलना में कम होता है।

फूड्स कौन से खाएं:

आपकी डाइट में पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट का साथ होना चाहिए। डाइट में बाजरा, गेहूं और ब्राउन राइस जैसे फूड्स का सेवन करें। व्हाइट ब्रेड से परहेज करें। सभी प्रकार के प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें। फ्रूट जूस पीने के आदि हैं तो अपनी इस आदत को फौरन बदल लें। जूस के बजाय फल का सेवन करें। प्यास बुझाने के लिए खूब पानी पिएं।

खाने का समय निश्चित करें:

भोजन का समय निश्चित रखें। चूहों पर किए गए कई अध्ययनों से पता चला है कि समय पर खाना खाने से ब्लड में शुगर के स्तर में सुधार किया जा सकता है। भले ही आपने डाइट में अधिक वसा का सेवन किया हो।

एक्सरसाइज कीजिए:

रोजाना एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां मजबूत होती है और इम्युनिटी स्ट्रॉन्ग होती है। रोजाना आधा घंटे तक एक्सरसाइज करके आप अपनी बॉडी को हेल्दी बना सकते हैं। अगर आपका वजन ज्यादा है तो आप एक्सरसाइज का समय बढ़ा सकते हैं। शरीर की वसा को पांच से 10 प्रतिशत कम करने से आपके रक्त शर्करा के स्तर में सुधार हो सकता है और आप डायबिटीज की बॉर्डर लाइट से हट कर सेफ जोन में आ सकते हैं।

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