दक्षिण भारतीय व्यंजनों की बात होते ही सबसे मन में सबसे पहले नाम आते हैं इडली और डोसा। यह दोनों ही खाने में काफी पसंद किए जाते हैं। इनका स्वाद काफी हद तक बैटर की सही फर्मेंटेशन पर निर्भर करता है। गर्मियों में तापमान अधिक होने की वजह से इडली और डोसा का बैटर कई बार जरूर से ज्यादा फर्मेंट (Over-Ferment) हो जाता है।
फर्मेंट होने के बाद भी अगर बैटर लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा रहे तो खट्टापन बढ़ने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा रसोई में गैस स्टोव के पास यह जल्दी खट्टा हो सकता है। अगर आप चाहती हैं कि बैटर का स्वाद संतुलित रहे और इडली-डोसा मुलायम बनें, तो बैटर तैयार करते समय कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
दाल और चावल भिगोने के बाद क्या करें ये काम
इडली या डोसा बनाने के लिए हमेशा चावल और उड़द दाल को भिगोया जाता है। कई तय समय बाद पीस लेना बेहतर होता है। लेकिन अगर भिगोने के बाद तुरंत पीसना संभव न हो, तो इन्हें लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखने की बजाय फ्रिज में रखना बेहतर हो सकता है। इससे गर्मी के कारण यह जल्दी खराब होने या ज्यादा फर्मेंटेशन की समस्या कम हो सकती है।
बैटर पीसते समय बर्फ का करें इस्तेमाल
आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन कई फूड एक्सपर्ट बैटर पीसते समय ठंडा पानी या कुछ बर्फ के टुकड़े डालने की सलाह देते हैं। इसका कारण यह है कि मिक्सर लगातार चलने पर गर्म हो सकता है, जिससे बैटर का तापमान बढ़ जाता है।
अब जानें बर्फ या ठंडे पानी के इस्तेमाल से क्या होता है?
जब बैटर का तापमान नियंत्रित रखना हो तै आप बर्फ या ठंडे पानी का यूज कर सकते हैं। ऐसा करने से यह जल्दी खट्टा नहीं होता है। हालांकि बर्फ की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे बैटर जरूरत से ज्यादा पतला हो सकता है।
बैटर को ओवर-फर्मेंट होने से कैसे बचाएं?
इस बात का ध्यान रखें कि बैटर तैयार होने के बाद उसे जरूरत से ज्यादा देर गर्म जगह पर न रखें। हमेशा फर्मेंटेशन पूरा होते ही बैटर को फ्रिज में रख दें।बर्तन को पूरी तरह भरने के बजाय थोड़ा खाली स्थान छोड़ें, क्योंकि फर्मेंटेशन के दौरान बैटर फूलता है।
कैसे पता करें कि फर्मेंटेशन हुआ है या नहीं?
बैटर पहले की तुलना में फूला हुआ दिखाई देने लगता है। उसमें हल्के-हल्के एयर बबल्स नजर आने लगते हैं। खुशबू हल्की खमीर जैसी हो, लेकिन बहुत तेज खट्टी न लगे।
