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UPSC Success Story: तेजस्वी राणा बनना चाहती थीं इंजीनियर, अधिकारियों की स्पीच सुन दूसरे प्रयास में बनीं IAS टॉपर

IAS Tejaswi Rana Success Story: तेजस्वी राणा ने किसी कोचिंग सेंटर का सहारा नहीं लिया बल्कि घर पर ऑनलाइन गाइडेंस से तैयारी की और दूसरी बार में सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया।

UPSC Success Story: तेजस्वी राणा बनना चाहती थीं इंजीनियर, अधिकारियों की स्पीच सुन दूसरे प्रयास में बनीं IAS टॉपर
IAS तेजस्वी राणा (Image: Instagram/ms.tejasvi_rana)

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी अगर सही तरीके से की जाए तो कम समय में भी सफलता मिल सकती है। यूपीएससी परीक्षा पास करने वाले कई उम्मीदवारों ने कहा है कि यह जरूरी नहीं है कि जीवन से सब कुछ छीन लिया जाए और तैयारी में लग जाए।

यूपीएससी की तैयारी की जा सकती है और अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। कई उम्मीदवार बहुत मेहनत करते हैं लेकिन परीक्षा में सफल नहीं हो पाते हैं क्योंकि उन्हें सही दिशा में तैयारी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। जो उम्मीदवार भ्रमित हैं या सही दिशा में आगे बढ़ना नहीं जानते हैं, उनके लिए आईएएस अधिकारी तेजस्वी राणा की कहानी प्रेरणा का काम कर सकती है।

तेजस्वी ने बाकी परीक्षार्थियों से अलग तैयारी की और दूसरे प्रयास में ही सफलता हासिल कर आईएएस अधिकारी बनने के अपने सपने को पूरा किया। श्रुति शर्मा की तरह साल 2016 में यूपीएससी की परीक्षा में टॉप करने वाली तेजस्वी राणा की कहानी भी काफी प्रेरणादायक है।

शुरुआती दिनों में बनना चाहती थीं इंजीनियर

तेजस्वी राणा हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं। अपने शुरुआती वर्षों से ही, वह इंजीनियरिंग करना चाहती थीं और इसलिए इंटरमीडिएट के बाद तेजस्वी ने जेईई की परीक्षा दी और IIT कानपुर से पढ़ाई की। IIT के दौरान, UPSC के प्रति उनका झुकाव बढ़ा और उन्होंने तैयारी करने का फैसला किया। अपनी सपने को सच करने के लिए तेजस्वी 2015 में पहली बार यूपीएससी परीक्षा में बैठीं और प्रीलिम्स पास भी कर दिखाया लेकिन मेन्स में असफल रहीं। हालांकि तेजस्वी ने हार नहीं मानी और अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलता के परचम लहरा दिए।

IAS अधिकारियों की स्पीच सुन हुईं प्रभावित

तेजस्वी ने सिर्फ एक साल में घर में रहकर और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर 12वीं रैंक हासिल की। तेजस्वी राणा के मुताबिक, जब वह आईआईटी कानपुर में थीं, तो उनके कॉलेज में अक्सर आईएएस अधिकारी कई कार्यक्रमों में आते थे। यहां उनके भाषण और निर्णय लेने की क्षमता ने उन्हें बहुत प्रभावित किया। तेजस्वी ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए एक टाइम टेबल तय किया था और उसी के मुताबिक पढ़ाई करती थीं।

इस तरह से पास किया यूपीएससी की परीक्षा

तैयारी के दौरान तेजस्वी ने पहले यूपीएससी के सिलेबस को अच्छी तरह से पढ़ा और फिर बेसिक्स क्लियर करने के लिए कक्षा 6 से 12 तक एनसीईआरटी की किताबें पढ़ना शुरू किया। उन्होंने किताबों को अच्छे से पढ़कर अपना आधार मजबूत किया। इसके बाद उन्होंने बहुत सोच-समझकर वैकल्पिक विषय का चयन किया।

मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में तेजस्वी ने बताया कि तैयारी के लिए एक बेहतर कार्यक्रम बनाएं और जितना हो सके अध्ययन करके हर दिन छोटे नोट्स भी बनाएं। बीच में उन्होंने मॉक टेस्ट देकर तैयारी का जायजा भी लिया और लिखने का अभ्यास भी किया। इस तरह से तैयारी की रणनीति ने उन्हें यूपीएससी जैसी सबसे कठिन परीक्षा को पास करने में मदद की।

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