बारिश के मौसम में कई बार खिड़की-दरवाजे चर्र-चर्र, खड़खड़ जैसी आवाजें करने लगते हैं। कई बार इनकी से आवाज न केवल नींद टूट जाती है बल्कि यह काफी असुविधाजनक भी लगती है। बारिश में तेज हवा और नमी की वजह से यह समस्या हो सकती है। कई बार यह इस बात का संकेत भी हो सकता है कि खिड़की या दरवाजे में कहीं गैप, ढीलापन तो नहीं आ गया है। ऐसा कई वजहों से हो सकता है।
जैसे खिड़की या दरवाजे के किनारों में गैप होने पर तेज हवा अंदर आने लगती है। वहीं पुराने या ढीले हिंग (कब्जे) और स्क्रू खड़खड़ाहट पैदा कर सकते हैं। इतना ही नहीं बारिश में लकड़ी के दरवाजे नमी सोखकर फूल जाते हैं। इसकी वजह से घिसने या चरमराने की आवाज आती है। तेज बारिश में पानी की बूंदें खिड़की के फ्रेम या शीशे से टकराकर टप-टप की आवाज करती हैं। हालांकि कुछ आसान उपाय अपनाकर इन आवाजों को काफी हद तक कम कर सकते हैं, आइए जानें इसके बारे में।
मोमबत्ती का वैक्स
बारिश में नमी के कारण अगर लकड़ी का दरवाजा चौखट से रगड़ खाकर आवाज करने लगे, तो उसके किनारों पर सफेद मोमबत्ती का वैक्स हल्के हाथ से रगड़कर लगा दें। इससे घर्षण कम हो सकता है और दरवाजा आसानी से खुल-बंद होने लगता है। आवाज आना भी कम हो जाता है।
सरसों का तेल
अगर सबसे आसान तरीका अपनाना चाहते हैं तो आप खिड़की या दरवाजे के कब्जों या चिटकनी में सरसों का तेल लगा सकते हैं। उनसे आने वाली चर्र-चर्र की आवाज कम हो जाएगी। आपको बस करना यह है कि 1-2 बूंद सरसों का तेल लगाकर एक-दो बार खोलें-बंद करें।
वेदर स्ट्रिप या फोम टेप लगाएं
अगर खिड़की या दरवाजे के किनारे टूट गए हैं और तेज हवा चलने पर वहां से आवाज आ रही है, तो वहां रबर वेदर स्ट्रिप या फोम टेप लगाएं। ऐसा करने से वहां का गैप कम होगा। साथ ही हवा के कारण होने वाली सीटी जैसी आवाज काफी हद तक कम हो सकती है।
ढीले स्क्रू और हिंग कसें
अगर आवाज खड़खड़ाहट या कंपन की है, तो पहले सभी स्क्रू और हिंग की जांच करें। जरूरत हो तो स्क्रूड्राइवर से उन्हें कस दें। इससे दरवाजा या खिड़की मजबूती से अपनी जगह पर रहेगी।
हिंग पर लुब्रिकेंट लगाएं
अगर दरवाजा खोलते या बंद करते समय चरमराहट होती है, तो कब्जों पर थोड़ा सिलिकॉन स्प्रे या मशीन ऑयल लगाएं। इससे आवाज कम हो सकती है और दरवाजा आसानी से चलेगा।
टूटी हुई रबर बीडिंग बदलें
अगर खिड़की की रबर सील पुरानी या फटी हुई है, तो उसे बदलवा दें। अच्छी सीलिंग से हवा और कंपन दोनों कम होते हैं। ऐसा करने से बारिश का पानी भी अंदर नहीं आएगा और आवाज भी आना बंद हो जाएगी।
लकड़ी के दरवाजों को सूखा रखें
बारिश में लकड़ी नमी सोख लेती है, जिससे वह फूल सकती है और आवाज करने लगती है। ऐसे में दरवाजे को सूखे कपड़े से पोंछते रहें और कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें।
कांच की खिड़कियों की फिटिंग जांचें
अगर आवाज कांच के हिलने से आ रही है, तो उसकी फिटिंग की जांच करवाएं। जरूरत पड़ने पर ग्लेजिंग बीड या रबर सील बदलवाने से समस्या कम हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य घरेलू रखरखाव संबंधी जानकारी के लिए है। यदि खिड़की या दरवाजे का फ्रेम टूट गया हो, सीलिंग गंभीर रूप से खराब हो तो किसी अनुभवी कारपेंटर या तकनीशियन से जांच और मरम्मत कराएं।
