Gehu me ghun lagne se kaise bachaye: किसान भाई हो या आम आदमी… सालभर के लिए बहुत सारे लोग गेहूं का भंडारण करते हैं। ऐसे में अगर सालभर के लिए स्टोर किए गए गेहूं में घुन लग जाए, तो पूरा अनाज खराब होने का खतरा रहता है। इसे रोकने के लिए रासायनिक दवाओं का सहारा लिया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है आप कुछ छोटी-छोटी गलतियों को दूर करके और जैविक फॉर्मूला अपनाकर भी आप गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। कृषि विशेषज्ञ बनवारी नाडला के अनुसार, गेहूं में नमी, गलत तरीके से भंडारण और कुछ आम लापरवाहियां घुन लगने की बड़ी वजह बनती हैं। आइए जानते हैं कि गेहूं में घुन क्यों लगता है और बिना जहरीली दवाओं के इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कौन-से आसान और जैविक तरीके अपनाए जा सकते हैं।

सबसे पहले जानें गेहूं में घुन लग क्यों जाता है?

यूट्यूब चैनल फार्मिंग चैंपियंस (Farming Champions) पर बातचीत में कृषि विशेषज्ञ बनवारी नाडला ने कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताया जिसकी वजह से गेहूं में घुन लग जाता है। जो लोग खेती करते हैं, गेहूं को स्टोर करते हैं या फिर घर में भी सालभर के लिए गेहूं लेकर आते हैं उन्हें इन गलतियों के बारे में पता होना चाहिए। गेहूं में कीड़े या घुन लगने का कारण अगर आपको पता हो तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। गेहूं में अगर कीड़े या घुन लग जाते हैं तो यह गेहूं को खोखला कर देते हैं। इससे बचने के लिए जहरीली दवा का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होती है। यहां ऐसे तरीकों के बारे में जानेंगे जिसमें ऑर्गिनेक तरीके से गेहूं को सेफ रखने के बारे में बताया गया है।

गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए क्या बरतें सावधानी

नमी है घुन लगने की सबसे बड़ी वजह

गेहूं में थोड़ी सी नमी नहीं रहनी चाहिए। अगर नमी रहेगी तो घुन जरूर लगेगा। जब थ्रेशर (Thresher) से गेहूं निकलता है तो उसमें नमी होती है। किसान थ्रेसर से निकाल उसे स्टोर कर देते हैं। यही नमी बरसात का मौसम आने पर डबल हो जाती है। इसी वजह से बारिश में गेहूं में घुन लगने की समस्या सबसे ज्यादा होती है। 3-4 दिन तक गेहूं को सूखने दें ताकि नमी बिल्कुल भी रहे। ऐसी जगह पर रखें जहां बारिश होने पर नमी का प्रभाव न रहे।

पुरानी बोरी का इस्तेमाल

कई लोग यह गलती करते हैं कि गेहूं के स्टोर करने के लिए पुरानी बोरियों का इस्तेमाल कर लेते हैं। कई बार इन बोरियो में नमी होती है। सड़न हो सकती है। इनसे भी गेहूं में घुन लग जाते हैं।

जमीन पर गेहूं रखना

कई किसान अच्छी तरह से गेहूं को सुखा लेते हैं लेकिन फिर भी गेहूं लगा जाता है। इसकी वजह से जमीन पर गेहूं की बोरियों को लगा देते हैं। इससे भी नमी आ जाती है। बाद में गेहूं में घुन लग जाते हैं।

गेहूं में घुन लगने से बचाने के जैविक फॉर्मूले

पहला फॉर्मूला

जहरीली दवाइयों का इस्तेमाल न करके भी आप गेहूं को सुरक्षित रख सकते हैं। इसके लिए बारिक तुड़ी (भूसा) को गेहूं में मिलाकर रखें। जहां स्टोर करते हैं वहां तुड़ी बिछाएं। इसके बाद गेहूं को स्टोर करें। साइड में भी तुड़ी लगाएं। हर तरफ से इसे पैक कर दें। इससे गेहूं में घुन लगेगा।

दूसरा फॉर्मूला

टंकी या जहां भी गेहूं को स्टोर करना है वहां नीम के पत्ते रखें। इसके बाद गेहूं डालें। 2 फीट गेहूं डालें फिर नीम के पत्तों की परत लगाएं। 2 इंच मोटी परत लगाएं। फिर 2 फीट गेहूं भरें। इस तरीके से आप जितना चाहें गेहूं स्टोर कर सकते हैं। इससे भी गेहूं में घुन नहीं लगेगा।

तीसरा फॉर्मूला

किसान हो या फिर आम लोग जो भी गेहूं को स्टोर करते वह इस फॉर्मूले को अपना सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले 2-3 फीट गेहूं का डाल लीजिए। फिर मोटा नमक लीजिए। थोड़ा-थोड़ा मोटा नमक की परत बनाएं। थोड़ा गैप रखते हुए। ऊपर से उस लेयर पर एक मुठ्ठी थोड़ा बारिक नमक छिड़क दें। फिर 2 फिट गेहूं भर दें। फिर मोटे-मोटे नमक के ढेले रख दें। इस तरह से परत चढ़ाते-चढ़ाते ले जाइए।

यहां देखें वीडियो: https://www.youtube.com/watch?v=XOkG93H4VqA

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी कृषि विशेषज्ञ की तरफ से साझा किए गए सुझावों पर आधारित है। गेहूं के भंडारण और संरक्षण के तरीके स्थानीय जलवायु, नमी और भंडारण की स्थिति के अनुसार अलग-अलग परिणाम दे सकते हैं। बड़े स्तर पर भंडारण या किसी विशेष समस्या की स्थिति में कृषि विशेषज्ञ या संबंधित कृषि विभाग से सलाह अवश्य लें।