कढ़ी एक ऐसी डिश है जिसे ज्यादातर लोग खाना पसंद करते हैं। दही, बेसन और मसालों से बनने वाली यह डिश रोटी या चावल के साथ खाई जाती है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले दही और बेसन के घोल को पकाया जाता है। हालांकि कई बार आपने देखा होगा कि बेसन और दही का घोल डालने के कुछ देर में यह फटने लगता है। कढ़ी में दही और बेसन दोनों अलग-अलग दिखने लगता है। इसके पीछे कुछ छोटी-छोटी गलतियां जिम्मेदार हो सकती हैं।

कढ़ी बनना बहुत आसान है लेकिन सही तरीके से बनाना उतना ही मुश्किल। इसे बनाते समय कई तरह की समस्या आती है, जिसमें कढ़ी का फटना एक आम समस्या है। अगर आपके साथ भी कढ़ी बनाते समय ऐसा होता है, तो कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है। जिससे कढ़ी को फटने से रोका जा सकता है।

दही या छाछ का ठंडा होना

कढ़ी बनाने के लिए फ्रिज से तुरंत निकले दही या छाछ का इस्तेमाल न करें। ऐसा करने से कढ़ी बनाते समय फट सकती है। दही या छाछ को सामान्य तापमान पर आने के बाद ही इसे इस्तेमाल करें। जिससे कढ़ी का बनावट खराब नहीं होगा और यह स्वादिष्ट बनेगी।

उबाल आने से पहले नमक डालना

अगर आप पहली बार कढ़ी बना रहे हैं, तो इसमें पहले नमक डालने की गलती न करें। जब तक कढ़ी में उबाल न आ जाए, तब तक इसमें नमक नहीं डालना चाहिए। इसे पहले डालने से कढ़ी फट जाती है और इसका स्वाद भी प्रभावित हो सकता है।

लगातार न चलाना

कढ़ी को बनने में काफी समय लगता है। यही वजह है कि इसका स्वाद बाकी सब्जियों की तुलना में अलग होता है। दही और बेसन के घोल को सबसे पहले उबाला जाता है। अगर आप कढ़ी को फटने से बचाना चाहते हैं, तो इसे लगातार उबाल आने तक एक दिशा में चलाते रहें। इससे दही और बेसन अलग-अलग नहीं होते।

बेसन का घोल

कढ़ी को बनाने के लिए दही या छाछ में बेसन को मिलाया जाता है। कई बार हम बेसन ज्यादा मिला देते हैं, जिससे कढ़ी गाढ़ी हो सकती है। दही में बेसन को डालकर अच्छी तरह फेंट लें, जिससे कढ़ी के फटने की संभावना कम हो सकती है। ऐसा करने से दही भी क्रीमी हो जाता है।

दही खट्टा न हो

कढ़ी बनाने से पहले दही या छाछ को चख सकते हैं। अगर दही बहुत खट्टा है, तो इससे भी कढ़ी फट सकती है। इससे कढ़ी खट्टी भी बनती है। ऐसे में दही की खटास को कम करने के लिए पानी का ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा ताजा दही इस्तेमाल करना कढ़ी का स्वाद बेहतर कर सकता है।

पानी का अनुपात

अगर आप स्वादिष्ट और अच्छी कढ़ी बनाना चाहते हैं, तो दही या छाछ के साथ पानी का अनुपात सही रखें। पानी या दही किसी भी एक चीज की मात्रा ज्यादा होने पर कढ़ी फट सकती है। अगर आप एक कप दही या छाछ ले रहे हैं, तो उसमें 3 से 5 कप पानी मिलाएं।

धीमी आंच पर पकाएं

कढ़ी का स्वाद धीमी आंच पर पकने के बाद ही आता है। जब यह देर तक उबलती है, तो अलग ही टेक्सचर और रंग आता है। हालांकि जल्दबाजी में कई बार हम कढ़ी को बनाने के लिए आंच तेज कर देते हैं। ऐसा करने से कढ़ी में मौजूद दही या छाछ फटने लगता है और स्वाद भी प्रभावित हो सकता है।

लगातार चलाएं

कढ़ी को बनाते समय छाछ और बेसन के घोल को लगातार चलाना होता है। जिससे कढ़ी फटती नहीं है और स्वादिष्ट बनती है। कई बार हम कढ़ी को शुरुआत में चलाते हैं और फिर छोड़ देते हैं। कढ़ी को चम्मच से तब तक चलाना चाहिए जब तक उसमें उबाल न आ जाए। ऐसा करने से कढ़ी फटने से बच सकती है।