Mukteshwar Travel Guide: कई बार ऐसा होता है कि हम घूमने का प्लान करते हैं, लेकिन कहीं जा नहीं पाते। जिसके पीछे समय की कमी, ऑफिस से छुट्टी न मिलना, परिवार से जुड़ी समस्याएं, मौसम की स्थिति जैसे कई कारण हो सकते हैं। अगर समय की कमी की वजह से घूमने का प्लान टाल रहे हैं, तो रुकिए। आज हम आपको ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर दो दिन की छोटी ट्रिप आराम से की जा सकती है। दरअसल हम बात कर रहे हैं, उत्तराखंड के बहुत ही प्यारे और शांत हिल स्टेशन मुक्तेश्वर की। यहां पर प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। पहाड़ों के बीच बैठकर ठंडे मौसम में गर्मागर्म चाय का लुत्फ ले सकते हैं। अगर इन चीजों को सच करना चाहते हैं, तो वीकेंड ट्रिप पर मुक्तेश्वर बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
हफ्ते भर की छुट्टियों की जगह आप एक या दो दिन की ट्रिप से भी दिमाग को रिसेट कर सकते हैं। हालांकि कई बार हम जगह को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। ऐसे में नैनीताल से कुछ ही दूरी पर स्थित मुक्तेश्वर जाने का प्लान किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस जगह पर दो दिन की ट्रिप प्लान कैसे कर सकते हैं।
कैसे पड़ा मुक्तेश्वर नाम?
उत्तराखंड का खूबसूरत और प्यारा हिल स्टेशन मुक्तेश्वर का नाम भगवान शिव के प्राचीन मंदिर मुक्तेश्वर धाम की वजह से पड़ा है। मान्यताओं के अनुसार यहीं पर भगवान शिव ने एक राक्षस का वध करके उसे मुक्ति दी थी। जिसकी वजह से इस जगह का नाम मुक्तेश्वर रखा गया। मुक्तेश्वर नैनीताल से करीब 50 किमी की दूरी पर स्थित है। उत्तराखंड की भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर शांत जगह पर समय बिताना चाहते हैं, तो मुक्तेश्वर घूमने का प्लान कर सकते हैं। शांत जगहों पर घूमने के शौकीन, नेचर लवर्स और ऑफबीट ट्रैवलर्स के लिए यह जगह बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।
पहले दिन घूमने का प्लान
मुक्तेश्वर पहुंचकर सबसे पहले मुक्तेश्वर धाम मंदिर के दर्शन करने पहुंच जाएं। यहां की हरियाली और शांत वातावरण मन को सुकून देने वाला होता है। यह मंदिर छोटी सी पहाड़ी के ऊपर स्थित है जहां से आपको पूरी जगह का शानदार व्यू देखने को मिलेगा। मंदिर दर्शन के बाद आप चौली की जाली जा सकते हैं। यह मंदिर के पीछे स्थित है, जहां पहुंचने के दो रास्ते हैं। हरे-भरे देवदार के पेड़ों के बीच से गुजरते हुए रास्ते से चौली की जाली पहुंच जाएंगे। जहां से आपको वैली का खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा। दोस्तों के साथ घूमने के लिए यह बेहतरीन जगह है।
दूसरे दिन घूमने का प्लान
दूसरे दिन आप भालूगढ़ वॉटरफॉल देखने जा सकते हैं। यहां पहुंचने के लिए आपको थोड़ी ट्रेकिंग करनी होगी। मानसून और उसके बाद यहां का नजारा काफी सुंदर लगता है। हालांकि बारिश के दौरान रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं। ऐसे में सावधानी के साथ यात्रा करें। इसके बाद आप आसपास के गांव को एक्सप्लोर कर सकते हैं। साथ पहाड़ों के खूबसूरत मौसम का अनुभव ले सकते हैं।
कैसे पहुंचे मुक्तेश्वर?
मुक्तेश्वर बजट ट्रिप करना चाहते हैं, तो रेलवे मार्ग चुन सकते हैं। सबसे नजदीकी स्टेशन काठगोदाम जहां से आप बस, टैक्सी या शेयरिंग कैब के जरिए मुक्तेश्वर पहुंच सकते हैं। जिसका किराया लगभग 200 से 1500 रुपए के बीच है। अगर आप हवाई यात्रा करना चाहते हैं, तो नजदीकी एयरपोर्ट पन्तनगर है। यह मुक्तेश्वर से करीब 90 किमी दूर है। यहां पर आप सड़क मार्ग से भी पहुंच सकते हैं। दिल्ली से मुक्तेश्वर की दूरी करीब 360 किमी है। जिसे लगभग 8 से 9 घंटे में पूरा किया जा सकता है।
मुक्तेश्वर में रिसोर्ट, होटल और होम स्टे आसानी से मिल जाएंगे। सुविधाजनक यात्रा के लिए आप पहले से होटल बुकिंग भी कर सकते हैं। अगर परिवार के साथ ट्रैवल कर रहे हैं, तो यह बेहतर विकल्प साबित होगा। जिससे आपको घूमने का ज्यादा समय भी मिल जाएगा।
