चीनी का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। इसके अधिक सेवन से डायबिटीज, मोटापा, हार्ट रोग, त्वचा से लेकर फैटी लिवर तक की समस्याओं का खतरा काफी हद तक बढ़ सकता है। भारतीय घरों में अक्सर लोग अपने दिन की शुरुआत एक कप चाय से करना पसंद करते हैं और कई लोग तो दिनभर में कई बार चाय पीना पसंद करते हैं। आमतौर पर चाय में चीनी का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी जगह गुड़ की भी चाय बनाई जा सकती है।
गुड़ पोषक तत्वों से भरपूर होता है और इसे चीनी की तुलना में अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसलिए कई लोग अपनी चाय में चीनी की बजाय गुड़ मिलाना पसंद करते हैं। लेकिन गुड़ की चाय बनाते वक्त सबसे बड़ी समस्या दूध के फटने की रहती है। हालांकि, आप अगर सही तरीका अपनाएं तो गुड़ की चाय बिल्कुल स्वादिष्ट बनेगी और दूध भी नहीं फटेगा। आइए जानते हैं गुड़ की चाय बनाने का तरीका:
गुड़ डालते ही क्यों फट जाता दूध
दरअसल गुड़ में कुछ प्राकृतिक अम्ल और खनिज तत्व होते हैं। यदि गुड़ को बहुत गर्म दूध या उबलती चाय में सीधे मिला दिया जाए, तो ये तत्व दूध के प्रोटीन को प्रभावित कर देते हैं, जिससे दूध के फटने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।
सामग्री
1 कप पानी
आधा कप दूध
1-2 छोटे चम्मच चाय पत्ती
1-2 बड़े चम्मच गुड़ का चूरा
आधा इंच कटा हुआ अदरक, 2 इलायची और 1 काली मिर्च
गुड़ की चाय बनाने का सही तरीका
अक्सर लोग गुड़ की चाय बनाते समय उबलती हुई चाय में सीधे गुड़ डाल देते हैं, जो दूध के फटने का सबसे बड़ा कारण होता है। ऐसे में सबसे पहले एक पैन में पानी गरम करें और इसमें कुटा हुआ अदरक, इलायची, काली मिर्च और चाय पत्ती डाल दें। इसे 2-3 मिनट तक अच्छे से उबालें ताकि मसालों का अर्क पानी में आ जाए।
इसी दौरान दूसरे बर्तन में दूध को अलग से उबाल लें। जब चाय का पानी अच्छे से उबल जाए तो इसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालें। गुड़ के पिघलने तक इसे चलाते रहें। जैसे ही गुड़ पानी में पूरी तरह घुल जाए, गैस को बंद कर दें या आंच बिल्कुल धीमी कर दें। अब इसमें उबला हुआ गरम दूध धीरे-धीरे मिलाएं और चम्मच से चलाएं। दूध मिलाने के बाद चाय को दोबारा बहुत ज्यादा न उबालें। चाय को छानकर गरमागरम सर्व कर सकते हैं।
दूसरा तरीका
गुड़ की चाय बनाने का एक और तरीका है। इसके लिए पहले पानी, चायपत्ती, अदरक और दूध डालकर चाय पूरी तरह तैयार कर लें। इसके बाद गैस बंद कर दें और चाय को 1-2 मिनट के लिए थोड़ा ठंडा होने दें। जब चाय का तापमान थोड़ा कम हो जाए, तब गुड़ मिलाएं। इससे दूध फटने की संभावना काफी कम हो जाती है।
कई बार गुड़ में अशुद्धियां अधिक होती हैं या फिर नमी ज्यादा होती है, जिसके कारण दूध फट सकता है। इसलिए हमेशा साफ, ताजा और अच्छी गुणवत्ता वाला गुड़ इस्तेमाल करना चाहिए।
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