Maheri Recipe: खाने के मामले में भारत काफी रिच है। जहां हर राज्य और क्षेत्र में अलग-अलग स्वाद चखने को मिलता है। उत्तर भारत के राज्य पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश से लेकर दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु, केरल में आपको अलग-अलग पारंपरिक डिश मिलेंगी। कुछ डिश ऐसी हैं जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पहचान रखती हैं। हालांकि कुछ ऐसी भी डिशेज हैं जिन्हें खास तौर पर ग्रामीण इलाके में खूब पसंद किया जाता है। बुंदेलखंड की महेरी भी ऐसी ही डिश है। यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगती है।

महेरी की खासियत

महेरी एक पारंपरिक डिश है जिसका स्वाद बच्चों और बुजुर्गों दोनों को पसंद आ सकता है। यह हल्की भी होती है, जिससे पाचन में भी परेशानी नहीं होती। लंच या डिनर में रोटी-सब्जी खाने का मन नहीं है, तो महेरी बनाई जा सकती है। कम समय में चावल और छाछ से इस डिश को तैयार किया जा सकता है।

बुंदेलखंड ही नहीं बल्कि महेरी राजस्थान, बिहार और गुजरात की कई जगहों पर भी बनाई जाती है। हालांकि इसे बनाने के तरीके में बदलाव देखा जा सकता है। कहीं पर यह गेहूं के दलिए से बनाई जाती है तो कुछ इसे बाजरे से बनाते हैं। बाजरे की महेरी खास तौर पर सर्दियों के समय बनाई जाती है। लेकिन आप इसे चावल से भी बना सकते हैं। आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका।

सामग्री

चावल- 1 कप
छाछ- 2 कप
पानी- 1 कप
हल्दी पाउडर- 1 चम्मच
नमक- स्वादानुसार
देसी घी- 1 चम्मच
जीरा- 1 छोटी चम्मच
राई- 1 छोटी चम्मच
सूखी लाल मिर्च – 2
हरी मिर्च- 2
काला नमक- स्वादानुसार
अदरक-लहसुन का पेस्ट – 1 चम्मच
करी पत्ते- 4-5
हींग- 1 चुटकी

बनाने का तरीका

महेरी बनाने के लिए सबसे पहले चावल को लगभग 30 या 40 मिनट के लिए भिगोकर रख दें। अब कुकर या किसी बर्तन में चावल और पानी में थोड़ा नमक व हल्दी डालकर इसे गलने तक पका लें। अब कड़ाही में तेल गरम कर लें। जब तेल गरम हो जाए तो इसमें राई, जीरा, लाल मिर्च और हींग डालें। अब इसमें हरी मिर्च, अदरक-लहसुन का पेस्ट और करी पत्ते डालें। जब यह भुन जाए तो इसमें हल्दी पाउडर डालें। इसमें उबले हुए चावल डालें और अच्छी तरह मिक्स करें। अब इसमें पानी और छाछ डालें। इसे लगातार चम्मच से चलाते रहें ताकि छाछ फटे नहीं। इसमें उबाल आने तक चलाते रहें। जब इसमें उबाल आ जाए तो ऊपर नमक और काला नमक डालें। इसे ढककर कुछ देर के लिए पकने दें। जब थोड़ा गाढ़ा हो जाए तो इसमें ऊपर से हरा धनिया और घी डालें।