भारतीय घरों में बैंगन का सेवन खूब किया जाता है। इससे बैंगन का भर्ता, चोखा, सब्जी से लेकर पकौड़ा तक जैसे कई स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं। लेकिन कई बार बाहर से ताजा और चमकदार दिखने वाला बैंगन अंदर से खराब या कीड़े लगा हुआ निकल जाता है। घर लाने के बाद जब इसे काटते हैं, तब अंदर की स्थिति का पता चलता है। हालांकि, बैंगन खरीदते समय अगर कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए, तो अंदर से खराब या कीड़े लगे बैंगन खरीदने से काफी हद तक बचा जा सकता है।
इंडियन एक्सप्रेस की टीम ने आईएसआईसी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली की चीफ क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट हिमांसी शर्मा से बातचीत में बैंगन चुनने के कुछ आसान तरीके बताए। उनके मुताबिक बैंगन खरीदते समय उसे हल्का दबाकर देखें, साथ ही छिले और डंठल की मदद से भी खराब बैंगन खरीदने से बच सकते हैं।
दबाकर देखें
बैंगन ताजा है या नहीं, यह पता करने के लिए उसे हल्का दबाकर देखें। हिमांशी शर्मा के मुताबिक, ताजा और अच्छी क्वालिटी का बैंगन हल्का दबाने पर सख्त महसूस होना चाहिए, लेकिन बहुत ज्यादा कड़ा नहीं। बैंगन का गूदा हल्का दबाव पड़ने पर थोड़ा दबे और फिर जल्दी से अपनी पहले वाली शेप में आ जाए। बैंगन का इस तरह दबाने के बाद दोबारा अपनी शेप में आ जाना इस बात का संकेत है कि वह अभी ताजा है और उसमें प्राकृतिक नमी बनी हुई है। अगर बैंगन बहुत ज्यादा नरम, गूदेदार या स्पंजी महसूस हो, तो हो सकता है कि वह ज्यादा पक चुका है और खराब होना शुरू हो गया है।
दबाने के बाद निशान से करें पता
न्यूट्रिशनिस्ट हिमांसी शर्मा के अनुसार, अगर बैंगन को हल्का दबाने के बाद उसकी सतह पर दबने का निशान बना रहता है और वह पहले जैसी नहीं होती, तो यह संकेत हो सकता है कि बैंगन ज्यादा ताजा नहीं है। ऐसा बैंगन में नमी और कसाव कम होने की वजह से होता है। ऐसे बैंगन नरम, खाने में खराब स्वाद और जल्दी खराब हो सकते हैं। ऐसा बैंगन चुने जो दबाने पर मजबूत महसूस हो और दबाव हटाते ही वापस अपनी शेप में आ जाए।
चमकदार छिलका और हरा डंठल
बैंगन का छिलका भी उसकी ताजगी के बारे में काफी कुछ बता सकता है। न्यूट्रिशनिस्ट हिमांसी शर्मा के मुताबिक, ताजा बैंगन का छिलका चिकना, चमकदार और रंग में साफ नजर आना चाहिए। बैंगन का रंग बैंगनी, हरा, सफेद या धारियों वाला हो सकता है। छिलका छूने पर कसा हुआ और हल्का चमकदार महसूस होना चाहिए। यह बहुत खुरदरा, सिकुड़ा हुआ और बेजान नहीं होना चाहिए।
ऐसे बैंगन खरीदने से बचें
कटे, चोट, दरार, छेद या किसी तरह के बदरंग धब्बे वाले बैंगन को नहीं खरीदने चाहिए।
बैंगन के डंठल से भी पता कर सकते हैं कि बैंगन ताजा है या नहीं। ताजा बैंगन का डंठल और ऊपर का हिस्सा यानी कैप (टोपी जैसा भाग) चमकीले हरे रंग का, मजबूत और स्वस्थ नजर आना चाहिए। इनमें थोड़ी नमी भी होनी चाहिए, न कि ये सूखे हुए दिखाई दें। अगर बैंगन का डंठल भूरा, सिकुड़ा हुआ, आसानी से टूटने वाला या बहुत सूखा नजर आए, तो यह संकेत हो सकता है कि बैंगन काफी समय पहले तोड़ा गया था और अब उसकी ताजगी कम हो चुकी है।
बड़ा बैंगन खरीदना चाहिए या नहीं
हिमांसी शर्मा के अनुसार, छोटे से मध्यम आकार के बैंगन आमतौर पर बहुत बड़े बैंगन की तुलना में ज्यादा नरम होते हैं और उनमें बीज भी कम हो सकते हैं। वहीं, बहुत बड़े आकार के बैंगन के ज्यादा पक जाने की संभावना होती है और उनमें बीज भी अधिक हो सकते हैं। ऐसे पुराने बैंगन को काटने पर अंदर के बीज गहरे या भूरे रंग के और गूदा स्पंजी नजर आ सकता है।
कड़वा क्यों होता है बैंगन का स्वाद
इसलिए यह जरूरी नहीं है कि बड़ा बैंगन ही बेहतर हो। हिमांशी शर्मा के मुताबिक, मध्यम आकार के ऐसे बैंगन चुनना बेहतर होता है जो मजबूत हों और जिनका छिलका चिकना व चमकदार हो। ऐसे बैंगन में नरम गूदा, कम बीज और हल्का स्वाद मिलने की संभावना अधिक रहती है।
झुर्रियों और भूरे धब्बे वाले बैंगन खरीदना चाहिए या नहीं
झुर्रियों वाला बैंगन नहीं खरीदना चाहिए। बैंगन पर झुर्रियों, भूरे धब्बे और बेजान छिलका अक्सर इस बात का संकेत होते हैं कि वह पुराना हो रहा है और उसकी गुणवत्ता पहले जैसी नहीं रही। ताजा बैंगन चमकीला और चिकना होता है। जैसे-जैसे पुराना होता जाता है, उसका छिलका बेजान और कम चमकदार नजर आने लगता है। हालांकि, छोटे-मोटे दाग या निशान होने का मतलब यह नहीं है कि बैंगन खाने लायक नहीं है।
बैंगन खरीदने का सही तरीका
हिमांशी शर्मा के अनुसार, बैंगन में बहुत ज्यादा नरम या गूदेदार हिस्से हो, गहरे कट लगे हों, दरारें हों, फफूंद लगी हो, कीड़े के छेद दिखाई दे रहे हों, उसमें से पानी या कोई तरल पदार्थ निकल रहा हो या बदबू आ रही हो, उसे नहीं खरीदना चाहिए। ये सभी बैंगन के खराब होने और उसकी गुणवत्ता कम होने के संकेत हो सकते हैं। इसी तरह ज्यादा झुर्रियां, रंग में अधिक बदलाव, काले धब्बे और पूरी तरह सूखा हुआ डंठल भी इस बात का संकेत हो सकते हैं कि बैंगन काफी पुराना है और ताजा नहीं है। हमेशा ऐसा बैंगन चुनना चाहिए जो मजबूत, साफ और चमकीले रंग का हो और जिसका डंठल ताजा हरे रंग का हो।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और इंडियन एक्सप्रेस द्वारा विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी तरह की दिनचर्या शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सालह जरूर लें।
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