भारत का हथकरघा यानी हैंडलूम देश की समृद्धि सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण आधार है। जब आप साड़ी या अन्य हाथ से बने कपड़े खरीदते हैं, तो वह सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि भारतीय कारीगरों, उनकी कला और सदियों पुरानी बुनाई की परंपरा का एक समृद्ध इतिहास अपने भीतर समेटे होता है। आज के समय में मशीन से बने कपड़ों के बढ़ते चलन के बाद भी हथकरघा पारंपरिक डिजाइन और बुनाई की तकनीकों को जीवित रखे हुए है। कई बुनकर आज भी वर्षों पुराने पारंपरिक तरीकों से कपड़े तैयार करते हैं।

मशीन से बने कपड़ों के मुकाबले हैंडलूम के कपड़ों की कीमत अधिक होती है। इन्हें बनाने में हाथों और पारंपरिक करघों से बहुत अधिक समय, मेहनत और उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक कच्चे माल का उपयोग किया जाता है। लेकिन बाजार में बढ़ती मांग के चलते मशीन से बनी साड़ियों की भी भरमार है और कई बार लोग हाथकरधे और मशीन से बनी साड़ी में फर्क नहीं कर पाते। हालांकि, कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से आप हैंडलूम कॉटन साड़ी की पहचान कर सकते हैं।

1- बुनाई पर दें ध्यान

असली हैंडलूम साड़ी को पहचानने का सबसे आसान तरीका है उसकी बुनाई को ध्यान से देखें। दरअसल, हैंडलूम साड़ियों में बुनाई के दौरान हाथ से किए गए काम की हल्की अनियमितता दिखाई दे सकती है। अगर धागों में मामूली अंतर दिखे या कहीं निकले हुए दिखाई दें तो इसे डिफेक्ट समझने की कोशिश न करें। यह हाथ से बनी साड़ियों में ऐसा होना संभव है। वहीं, मशीन से बनी साड़ियों की बुनाई अक्सर एकसमान नजर आती है।

2- कपड़े को पलटकर देखें

जब भी साड़ी खरीदने जाएं तो उसे पलटकर उसकी पिछली सतह और बॉर्डर की बुनाई को ध्यान से देखें। दरअसल, असली हथकरघा साड़ी में डिजाइन और धागों की बुनाई की संरचना अलग दिखाई दे सकती है। वहीं बॉर्डर और पल्लू को ध्यान से देखने पर बुनाई का तरीका समझा जा सकता है।

3- कपड़े की बनावट से करें पहचान

कई हैंडलूम कॉटन साड़ियां आमतौर पर हल्का और आरामदायक होती हैं। साड़ी को हाथ में लेकर उसकी बुनावट, मजबूती और टेक्सचर को महसूस करें। इससे काफी हद तक हैंडलूम साड़ी की गुणवत्ता और बुनाई का अंदाजा लगाया जा सकता है।

4- धागों और डिजाइन से करें पहचान

हैंडलूम में कई पारंपरिक डिजाइन और मोटिफ बुनाई के दौरान किए जाते हैं। साड़ी पर जटिल बॉर्डर या पारंपरिक पैटर्न है, तो उसके धागों की इंटरलॉकिंग और डिजाइन को देखें। असली हैंडलूम कपड़े पर बहुत साफ-सुथरा प्रिंट और बुना हुआ डिजाइन एक जैसा नहीं होता। वहीं, मशीन से बनी साड़ियों में यह एक समान दिखाई दे सकता है।

5- मार्क से करें पहचान

साड़ी खरीदते वक्त हैंडलूम मार्क का टैग भी देख सकते हैं। इससे असली हैंडलूम कपड़े की काफी हद तक पहचान की जा सकती है। इसके साथ ही आप दुकानदार से इस कपड़े के बारे में पूछ भी सकते हैं।

हालांकि, कई बार हथकरघा और मशीन से बनी साड़ियों में पहचान करना काफी मुश्किल हो जाता है। क्योंकि, आज के समय में मशीनों से भी अच्छी गुणवत्ता वाले कपड़े बनाए जाते हैं। ऐसे में बुनाई, टैग, कपड़े की संरचना और डिजाइन को देखकर काफी हद तक हथकरधा साड़ी की पहचान की जा सकती है।

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