Manjari se tulsi ka paudha kaise lagaen: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इसे घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण शुद्ध होता है। तुलसी में साक्षात देवी लक्ष्मी का वास होता है। तुलसी का पौधा लगाने के लिए सबसे शुभ दिन गुरुवार (बृहस्पतिवार) और शुक्रवार (Tulsi ka paudha kab lagana chahie) माने जाते हैं। इस पौधे को लगाने के लिए कार्तिक का महीना (अक्टूबर-नवंबर) या फिर फरवरी का महीना अच्छा बताया जाता है। जब मौसम बहुत ज्यादा गर्म या ठंडा न हो तब इसे लगाया जाए तो इसकी ग्रोथ अच्छी होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, सही जगह पर रखने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। इसे लगाने (Tulsi ka paudha kis disha mein lagaen) की सबसे उपयुक्त दिशा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) मानी जाती है।

तुलसी के पौधे को सूखने से कैसे बचाएं | Tulsi ka paudha sukhne par kya karen

सर्दियों में अक्सर तुलसी का पौधा सूख जाता है। अगर आपके तुलसी के पौधे की शाखाएं सूख गई हैं और पत्ते सूखकर झड़ने लगे हैं तो आपकी इसकी देखभाल करनी चाहिए। नहीं तो यह ज्यादा दिन नहीं चलेगा और पूरा मुरझा जाएगा। इसके लिए आपको पौधे की समय-समय पर हल्की कटाई-छंटाई करते रहना चाहिए। साथ ही समय-समय पर खाद भी डालनी चाहिए। धूप और पानी का ध्यान रखना चाहिए। इसके बाद अगर आपका पौधा सूख रहा है तो आप तुलसी की मंजरी से नया पौधा उगा सकते हैं, आइए जानें इसके बारे में।

सबसे पहले निकालें तुलसी की मंजरी से बीज

तुलसी के फूल में छोटे-छोटे बीज छिपे होते हैं। इन्हें ही मंजरी कहते हैं। इनसे नया पौधा उगाने के लिए आपको सूखे हुए फूलों को तोड़कर हथेली पर हल्के हाथों से रब करना होता है। ऐसा करने से बीज सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पौधे पर लगी मंजरी को तभी तोड़ना चाहिए जब वह भूरी हो जाए। इसे रविवार या मंगलवार को नहीं तोड़ना चाहिए। एक बात का खास ख्याल रखें कि मंजरी को ऐसे ही कहीं भी न फेंके। इन्हें लाल कपड़े में लपेटकर रखें। यह पैरों के नीचे न आए, इस बात का ध्यान रखें।

तुलसी की मंजरी तुलसी का पौधा उगाने का तरीका

तुलसी का पौधा मंजरी से उगाना चाहते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि यह भूरी होनी चाहिए। इसके बाद गमला लें। उसमें मिट्टी और खाद मिलाएं। तुलसी के लिए आप नीम की खली या सूखी पत्तियों से खाद बना सकते हैं। कीड़ों से बचाने के लिए आप इसमें हल्की सी हल्दी भी मिला सकते हैं। ऐसा गलमा लें जिसमें नीचें छेद हो ताकि पानी निकासी का प्रक्रिया भी हो सके। मिट्टी को हल्का ढीला करें और इसमें मंजरी को डाल दें। फिर ऊपर से करीब 2 इंच मिट्टी डालें। इसे ऐसी जगह पर रखें जहां थोड़ी धूप मिलती रहे। कुछ ही दिनों में तुलसी के छोटे-छोटे पौधे निकल आएंगे।

Also Read
https://गुलाब के पौधे में नहीं आ रहें हैं फूल तो क्या करें? माली के बताए ये 5 तरीके अपनाएं, आने लगेंगी पौधे में नई कलियां