आजकल ज्यादातर लोग अपने घरों में ही रंग-बिरंगे फूलों के पौधे लगाना पसंद करते हैं। इससे घर खुशबू से महक उठता है और बालकनी दिखने में भी सुंदर लगती है। गेंदा, गुलाब या चमेली के फूलों से हटकर कुछ अलग फूल वाले पौधे लगाना चाहते हैं, तो ट्यूलिप बेहतरीन विकल्प हो सकता है। ट्यूलिप के फूल अपनी आकृति और रंगों की वजह से हर किसी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। इन फूलों को गार्डन ही नहीं बल्कि घर की बालकनी या छोटी-सी खुली जगह पर भी लगाया जा सकता है।

ट्यूलिप को उगाने के लिए सही मौसम, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और पर्याप्त धूप की जरूरत होती है। अगर आप इन फूलों को गमले में लगाना चाहते हैं, तो यहां बताए गए तरीकों को अपना सकते हैं।

हेल्दी बल्ब चुनें

ट्यूलिप के पौधे को बीजों से नहीं बल्कि उनके बल्ब (गांठ) से उगाया जाता है। इस पौधे को लगाने के लिए उसके बल्ब का स्वस्थ होना जरूरी है। ये बल्ब छूने पर मजबूत होने चाहिए। ध्यान रखें कि नरम और फफूंद वाले बल्ब को न लगाएं। अगर आपके इलाके में सर्दियां नहीं पड़ती हैं तो बल्ब लगाने से पहले इसे करीब 2 से 3 हफ्ते के लिए फ्रीजर में रख सकते हैं।

लगाने की जगह

ट्यूलिप के पौधे को बहुत ज्यादा गर्मी पसंद नहीं है। इसे जिस भी गमले में लगा रहे हैं, उसे ऐसी जगह रखें जहां रोजाना कम से कम 4 से 6 घंटे की धूप आए। बालकनी या छत के लिए करीब 8 से 10 इंच का गमला लें। इसमें पानी भरने से रोकने के लिए ड्रेनेज होल होने चाहिए। साथ ही अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी चुनें।

मिट्टी तैयार करना

ट्यूलिप के पौधे के लिए मिट्टी हल्की और पर्याप्त ड्रेनेज वाली होनी चाहिए। इस पौधे के लिए गीली या चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल न करें। इससे बल्ब सड़ सकते हैं। मिट्टी का मिश्रण तैयार करने के लिए 40 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 30 प्रतिशत कोकोपीट और 30 प्रतिशत रेत का इस्तेमाल करें।

ट्यूलिप बल्ब लगाने का तरीका

ट्यूलिप का पौधा अच्छी तरह विकसित हो सके, इसके लिए बल्ब को सही तरीके से लगाना जरूरी है। इसके लिए मिट्टी में करीब 6 से 8 इंच का गड्ढा खोदें। अब बल्ब का नुकीला भाग ऊपर की ओर रखते हुए इन्हें लगाएं। बल्ब के बीच करीब 4 से 6 इंच की दूरी रखें। अब ऊपर से मिट्टी भरें और हल्के से थपथपाएं। अगर गमले में लगा रहे हैं, तो 3 से 5 बल्ब लगा सकते हैं, जिससे फूल ज्यादा अच्छे और सुंदर दिखेंगे।

पानी देना का तरीका

ट्यूलिप के बल्ब लगाने के बाद उनमें ज्यादा पानी देने की जरूरत नहीं है। मिट्टी में नमी बनाए रखें। बल्ब लगाने के बाद एक बार पानी दें। फिर करीब 10 दिन बाद जब बल्ब अंकुरित हो जाएं, तो मौसम के अनुसार इसमें पानी दें। गमले को ठंडी और चमकदार जगह पर रखें। सुबह की धूप पौधे पर लगनी चाहिए लेकिन दोपहर की तेज धूप से बचाएं।

ट्यूलिप में जब पत्तियां आने लगें तो उन्हें बहुत ज्यादा पानी की जरूरत होती है। उगने के बाद हर 15 दिन में लिक्विड फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करें। इससे जड़ों और तनों को मजबूती मिलती है। फरवरी और मार्च के बीच इसमें फूल खिलने लगेंगे। फूल मुरझाने के बाद पत्तियों को तुरंत न काटें। इन्हें अपने आप सूखने दें।

ट्यूलिप को लगाने का बेहतरीन समय

ट्यूलिप के बल्ब को लगाने के लिए अक्टूबर से दिसंबर के बीच का समय बेहतरीन माना जाता है। जब तक ठंड पूरी तरह शुरू नहीं होती इसे लगाया जा सकता है। ठंड के मौसम में बल्ब की जड़ें विकसित होती हैं और फरवरी के बाद इनमें सुंदर फूल खिलते हैं।