Monsoon Mein Palak Kaise Ugaye: घर, बालकनी या गार्डन में पौधे उगाने के लिए मानसून का समय सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान तापमान तुलनात्मक रूप से कम रहता है और मिट्टी में नमी बनी रहती है। यही कारण है कि कई तरह की हरी सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं। इनमें पालक भी शामिल है जिसे कम जगह में आसानी से उगाया जा सकता है। अगर आपके पास ज्यादा जगह नहीं है तो इसे गमले में भी उगा सकते हैं।
मानसून का समय पालक उगाने के लिए बेहतरीन माना जाता है क्योंकि इस समय पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त नमी और ठंडा वातावरण मिलता है। अगर आप पहली बार बागवानी करने जा रहे हैं तो कुछ बातों को ध्यान रख सकते हैं।
गमला रखने के लिए चुनें सही जगह
पालक को अच्छी तरह बढ़ने के लिए दिन में कम से कम 4-6 घंटे की धूप की जरूरत होती है। मानसून के दौरान गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर सुबह की धूप मिल सके। लेकिन दोपहर की तेज धूप से पौधे को बचाकर रखें। अगर आप घर के अंदर गमले में पालक लगा रहे हैं तो इसे ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त रोशनी आती हो। इसे आप खिड़की के पास रख सकते हैं।
सही मिट्टी का चुनाव करें
गमले में पालक उगाने के लिए सबसे पहले मिट्टी तैयार करनी होगी। इसके लिए भुरभुरी, उपजाऊ और जल निकासी वाली मिट्टी चुनें। इसमें जैविक खाद या कंपोस्ट मिलाने से पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। मानसून में ज्यादा बारिश की वजह से गमले में पानी भर सकता है। ध्यान रखें कि गमले में ज्यादा पानी जमा न हो क्योंकि इससे जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और फंगल रोग का खतरा बढ़ सकता है।
बीज बोने का तरीका
पालक के बीजों को गमले की मिट्टी में करीब 1 से 1.5 सेंटीमीटर की गहराई में बोएं। बीजों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ताकि पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। बीज डालने के बाद ऊपर से हल्की मिट्टी की परत डालें और धीरे-धीरे पानी का छिड़काव करें। पालक के बीज लगभग एक से दो हफ्ते के भीतर अंकुरित होने लगेंगे।
पौधे की देखभाल करने का तरीका
जब पौधे कुछ सेंटीमीटर ऊंचे हो जाएं तो जरूरत से ज्यादा उगे पौधों को हटा दें। इससे बाकी पौधों को पर्याप्त हवा और जगह मिल सकेगी। मानसून में कीट और फफूंद का खतरा भी बढ़ जाता है इसलिए समय-समय पर पौधों की जांच और देखभाल करते रहें। जरूरत पड़ने पर नीम का तेल या अन्य जैविक उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नमी बनाए रखने के लिए करें ये काम
पालक को बढ़ने के लिए मिट्टी में लगातार नमी की जरूरत होती है लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए। अगर गमले पर ज्यादा धूप आती है तो नमी बरकरार रखने के लिए सतह पर सूखी पत्तियां या नारियल की भूसी बिछा सकते हैं जो लंबे समय तक नमी बनाए रखती हैं।
जब पालक बढ़ने लगे तो इसकी कोमल पत्तियों को तोड़ा जा सकता है। पूरी पालक को काटने की जगह बाहरी पत्तियों को तोड़ें, इससे लगातार पौधों में नई पत्तियां आती रहेंगी और लंबे समय तक आपको ताजी पालक मिलती रहेगी। इस तरह थोड़ी देखभाल और सही तरीके की मदद से मानसून में पालक घर पर आसानी से उगाई जा सकती है।
