Madhukamini Plant Cutting se Kaise Lagaye: गार्डनिंग के शौकीन लोगों को तरह-तरह के पौधे लगाना पसंद होता है। यह गार्डन की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ मन को सुकून भी देते हैं। सुबह की शुरुआत पौधों की देखभाल से करना दिनभर एक अलग ही एनर्जी देता है। सब्जियों और सजावटी पौधों के अलावा लोग फूलों वाले पौधे लगाना भी काफी पसंद करते हैं। अगर आप भी अपने गार्डन को फूलों की खुशबू से महकाना चाहते हैं, तो सितंबर का महीना बेहतरीन साबित हो सकता है। इस महीने कुछ पौधों की कटिंग को आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसमें मधुकामिनी का पौधा भी शामिल है।
मधुकामिनी के पौधे में बहुत ही खूबसूरत सफेद रंग के फूल खिलते हैं, जिनकी खुशबू दूर-दूर तक फैलती हुई आसपास के वातावरण को खुशनुमा बना सकती है। इसे ऑरेंज जैस्मिन के नाम से भी जाना जाता है। अगर आप इस पौधे को गार्डन में लगाना चाहते हैं, तो कटिंग से इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसे लगाने और देखभाल का तरीका।
कटिंग लगाने का तरीका
मधुकामिनी का पौधा लगाने के लिए उसकी सही कटिंग का चुनाव करना जरूरी है। अगर कटिंग कमजोर होगी तो उसमें से जड़ें अच्छी तरह विकसित नहीं हो पाएंगी। इसलिए सबसे पहले स्वस्थ और बड़े पौधे की टहनी को चुनें। इसे कैंची या प्रूनर की मदद से काटें। अब टहनी के पत्तों को छांट लें। ध्यान रखें कि कटिंग के नीचे छोटा-सा नोड (गांठ) आए। कटिंग लगभग 12-14 इंच तक की होनी चाहिए। इस हिसाब से ही टहनी की कटाई करें।
अब इस कटिंग के नीचे वाले हिस्से में हल्दी, एलोवेरा जेल या एंटी फंगल पाउडर लगा सकते हैं। इससे जड़ें सड़ेंगी नहीं। अब इस कटिंग को ग्रो बैग की मिट्टी में करीब 1.5 इंच तक अंदर लगाएं। आप चाहें तो इसे किसी छोटे गमले में भी लगा सकते हैं। कटिंग लगाने के बाद इसमें पानी डालें। अगर मिट्टी गीली है तो इसमें पानी देने की जरूरत नहीं है।
ग्रो बैग या गमले में लगी कटिंग को पॉलिथीन या किसी चीज की मदद से ढककर रखें। पॉलिथीन में कुछ छेद कर दें जिससे हवा का संचार बना रहे। इसे धूप की बजाय छायादार जगह पर रखें। ढकने के बाद इसे 15 से 20 दिन तक बिल्कुल न खोलें। कटिंग को तैयार होने में करीब 30 से 35 दिन लग सकते हैं। अगर रूट्स थोड़ी बाहर दिखाई दे रही हैं, तो उन्हें मिट्टी से कवर कर सकते हैं। कटिंग को लगाने का सही समय या मौसम बहुत जरूरी माना जाता है। मधुकामिनी के पौधे की कटिंग मानसून के अंत और सर्दियों की शुरुआत में लगाई जा सकती है।
कटिंग लगाने के बाद कैसे करें देखभाल
कटिंग को लगाने के बाद बार-बार चेक न करें। करीब एक महीने बाद इसे चेक करें। मिट्टी में नमी बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर ही स्प्रे बोतल से पानी का छिड़काव करें। जब कटिंग अच्छी तरह से लग जाए और उसमें छोटी-छोटी पत्तियां और जड़ें विकसित होने लगें, तो इसे आप बड़े गमले में ट्रांसफर कर सकते हैं।
