Monsoon Furniture Care: अक्सर आपने देखा होगा कि बारिश के मौसम में लकड़ी के फर्नीचर से सीलन की बदबू आने लगती है। लगातार कई दिनों तक बारिश होने की वजह से लकड़ी की टेबल, अलमारी या दूसरे फर्नीचर पर फफूंद भी दिखने लगती है। अगर आप भी इस तरह की समस्या से परेशान हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। मानसून में होने वाली यह एक आम समस्या है। इस दौरान हवा में नमी काफी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से फर्नीचर में सीलन, बदबू और फफूंद की समस्या होने लगती है। हालांकि समय पर सही तरीके से सफाई और देखभाल से फर्नीचर को खराब होने से काफी हद तक बचाया जा सकता है।
मानसून में होने वाली इस आम समस्या को लेकर Furlenco के सीनियर डायरेक्टर- डिजाइन, स्वरूप म्यालिल ने जानकारी दी है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि किस तरह फर्नीचर की नमी को धीरे-धीरे हटाया जाए, सफाई के तरीके और कब एक्सपर्ट को बुलाने की जरूरत है।
फफूंद और सीलन की बदबू वाले फर्नीचर को साफ करने के तरीके
स्वरूप म्यालिल के अनुसार, अगर फर्नीचर में सीलन की बदबू आने लगी है या उस पर फफूंद लग गई है, तो सबसे पहले उसे हवादार जगह पर रखें। इसे नेचुरली सूखने दें। सफाई शुरू करने से पहले मास्क जरूर पहनें। क्योंकि सफाई के दौरान फफूंद के कण हवा में फैल सकते हैं।
इन आसान स्टेप्स से करें फर्नीचर की सफाई
- सबसे पहले फर्नीचर को ऐसी जगह रखें जहां हवा अच्छे से आती हो और उसे प्राकृतिक रूप से सूखने दें।
- अब मुलायम कपड़े या सॉफ्ट ब्रश की मदद से फर्नीचर की सतह पर लगी फफूंद को धीरे-धीरे साफ करें।
- जिस जगह फफूंद लगी है वहां पर हल्के साबुन के घोल या क्लीनर की मदद से सफाई करें।
- अगर फर्नीचर पर कपड़े की गद्दी लगी है, तो उसे अच्छी तरह से वैक्यूम करें और दोबारा इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह सूखने दें।
- तेज केमिकल या जरूरत से ज्यादा पानी का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे लकड़ी, कपड़े और फर्नीचर की फिनिश खराब हो सकती है।
- अगर फफूंद फर्नीचर के अंदर तक फैल गई है, तो उसे साफ करने की बजाय किसी विशेषज्ञ से सफाई या रिपेयर करवाना बेहतर हो सकता है। इससे नुकसान से बच सकते हैं।
मानसून में फर्नीचर पर फफूंद लगने का कारण
स्वरूप म्यालिल ने बताया कि मानसून के दौरान लकड़ी, कपड़े और फोम जैसे फर्नीचर हवा में मौजूद नमी को आसानी से सोख लेते हैं। मानसून के दौरान हवा में नमी का स्तर बढ़ जाता है। साथ ही धूप कम निकलती है और घर में हवा का आना-जाना कम हो जाता है। जिससे फर्नीचर आसानी से सूख नहीं पाता।
ऐसी स्थिति में फफूंद, फंगस और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। ऐसे में अगर समय रहते देखभाल न की जाए, तो फर्नीचर से सीलन की बदबू आने लगती है, उस पर दाग पड़ सकते हैं और समय के साथ उसकी गुणवत्ता भी खराब हो सकती है।

उन्होंने बताया कि कई लोग अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जो समस्या को बढ़ा सकता है। जैसे फर्नीचर को सीलन वाली दीवार से सटाकर रखना। इसके अलावा लोग शुरुआत में आने वाली हल्की सीलन की बदबू या छोटे-छोटे नम धब्बों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे आगे चलकर समस्या गंभीर हो सकती है। इसके अलावा फर्नीचर को लंबे समय तक प्लास्टिक की शीट से ढककर रखना भी उल्टा असर डाल सकता है। इससे नमी बाहर निकलने की बजाय अंदर फंस जाती है, जिससे सीलन और फफूंद की समस्या बढ़ सकती है।
फर्नीचर की देखभाल के लिए अपनाएं ये आसान आदतें
बारिश के मौसम में छोटी-छोटी आदतों को अपनाकर आप फर्नीचर को लंबे समय तक ताजा, साफ और सीलन की समस्या से बचाकर रख सकते हैं। स्वरूप म्यालिल के मुताबिक फर्नीचर की सफाई के लिए गीले कपड़े का इस्तेमाल करने से बचें, इससे नमी बढ़ सकती है।
फर्नीचर को साफ करने के लिए माइक्रोफाइबर कपड़े से ड्राई क्लीनिंग करें। अगर जरूरत हो, तो ही हल्के गीले कपड़े का इस्तेमाल करें। अलमारी, दराज और दूसरे बंद स्टोरेज यूनिट्स को रोजाना करीब एक घंटे के लिए खुला रखें। इस दौरान पंखा या एयर कंडीशनर चलाने से अंदर हवा का प्रवाह बना रहेगा। जिससे सीलन की बदबू और फफूंद बनने की संभावना कम हो सकती है।
इसके अलावा फर्नीचर को सीधे मार्बल के फर्श पर रखने से बचें। इससे फर्श की नमी फर्नीचर सोख सकता है, जो फफूंद का कारण बन सकती है। इससे बचने के लिए रबर कैप या फेल्ट पैड का इस्तेमाल कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए विशेषज्ञ से जरूर परामर्श करें।
