गर्मियों के मौसम में मिलने वाले मौसमी फलों में से एक खरबूजा भी है, जो अपनी प्राकृतिक मिठास के लिए जाना जाता है। गर्मी के मौसम में खरबूजा शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए लाभकारी होते हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन से लेकर पोटेशियम तक जैसे कई और पोषक तत्व पाए जाते हैं। खरबूजे में मौजूद प्राकृतिक शुगर शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करती है, इसलिए गर्मियों में इसे खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।

हालांकि, बाजार से खरीदा गया हर खरबूजा मीठा हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार बाहर से अच्छा दिखने वाला खरबूजा अंदर से फीका निकल सकता है। ऐसे में सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि बिना काटे उसकी मिठास कैसे पहचानी जाए। यहां पर कुछ आसान तरीके बताए गए हैं जिनकी मदद से बिना काटे खरबूजे की मिठास का अंदाजा लगा सकते हैं।

1- भार से करें पहचान
मीठे खरबूजे की पहचान उसकी भार से भी कर सकते हैं। दरअसल, पका हुआ खरबूजा अंदर से रसीला होता है और आकार के मुकाबले हाथ में थामने पर भारी महसूस होता है। अच्छी तरह पके खरबूजे में बीज भी कम होते हैं। वहीं, अगर हल्का महसूस हो रहा है तो वह अंदर से कच्चा या फीका हो सकता है।

2- खुशबू से पहचानें
मीठे खरबूजे की पहचान उसकी खुशबू से भी कर सकते हैं। अगर खरबूजे के निचले हिस्से से तेज और भीनी-भीनी मीठी खुशबू आ रही है, तो वह रसीला हो सकता है। साथ ही उसका डंठल वाला हिस्सा अगर आसानी से दब जाता है, तो यह फल पका हुआ हो सकता है।

3- रंग कर सकता है मदद
खरबूजे की मिठास का अंदाजा उसके छिलके के रंग से भी लगाया जा सकता है। जिन खरबूजों पर गहरे पीले या फिर भूरे रंग के जाल बने होते हैं वह अंदर से मीठे हो सकते हैं। वहीं, अगर खरबूजा देखने में चिकना, साफ और हरे रंग का है तो वह फीका हो सकता है।

4- बनावट से करें पहचान
वहीं, खरबूजे के बनावट से उसके मीठापन की पहचान कर सकते हैं। अगर खरबूजे की सतह पर बने जाल गहरे और उभरे हुए हों व धारियों के बीच में कम से कम दो उंगलियों का गैप नजर आ रहा है, तो यह पके और मीठे होने का संकेत माना जाता है।

5- दबाकर करें पहचान
खरबूजे को दबाकर भी इसके मीठेपन की पहचान कर सकते हैं। अगर खरबूजे को उंगली से हल्का दबाने पर वह थोड़ा सा दबता है, ऐसे खरबूजे आमतौर पर पके हुए होते हैं। वहीं, अगर खरबूजा अधिक दब रहा है या पिचपिचा महसूस हो रहा है, तो यह अंदर से खराब होने का संकेत माना जाता है।

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