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बच्चों पर ज्यादा सख्ती उन्हें असामाजिक तो नहीं बना रहीं?

जब आप बच्चे को डांटते हैं या सख्ती बरतते हैं तो भी वह आपसे दूर होने लगते हैं या डरने लगते हैं। हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक बच्चों पर ज्याया सख्ती बरतने की वजह वह असामाजिक बनने लगते हैं।

बच्चों पर चिल्लाना या सख्ती बरतना उन्हें असामाजिक बना देता है।

बच्चों की परवरिश का तरीका हर माता-पिता का अलग होता है। कुछ माता-पिता प्यार से बच्चों को संभालते हैं तो कुछ गुस्से या डांट से उन्हें कुछ सीखाने की कोशिश करते हैं। मगर आपकी डांट और प्यार का असर हर बच्चे पर अलग पड़ता है। कई बार ज्यादा प्यार की वजह से बच्चे बिगड़ जाते हैं जिसकी वजह से वह आपकी बात मानना बंद कर देते हैं। ठीक उसी तरह जब आप बच्चे को डांटते हैं या सख्ती बरतते हैं तो भी वह आपसे दूर होने लगते हैं या डरने लगते हैं। हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक बच्चों पर ज्याया सख्ती बरतने की वजह वह असामाजिक बनने लगते हैं। साथ ही बच्चे इससे कई बार आक्रमक भी बन जाते हैं।

बच्चों के साथ सख्ती करने की वजह से उनकी लोगों को लेकर सहानुभूति भी कम हो जाती है। बच्चों की परवरिश के वातावरण पर एक स्टडी की गई है। जिसमें बताया गया है कि जब आप बच्चे से सख्ती से पेश आते हैं तो वह आक्रमक होने लगते हैं साथ ही उनमें से सहानुभूति कम होने लगती है।

यह स्टडी कुछ बच्चों पर की गई थी जिसमें यह पता चला कि परवरिश का तरीका बच्चों के सामाजिक व्यवहार पर प्रभाव डालता है। जिन बच्चों के साथ सख्ती के साथ व्यवहार किया गया शांत होने की बजाय ज्यादा आक्रमक होते हैं और उनमें सामाजिक गुण भी कम होता है।

स्टडी के मुताबिक केवल जीन ही नहीं बल्कि आपका सख्ती भरा व्यवहार उन्हें असामाजिक बना सकता है।

बच्चों को सामाजिक बनाने के लिए उनसे प्यार से बात करना जरुरी होता है। अगर आप उनसे प्यार से बात नहीं करते हैं या गलती पर समझाने की बजाय चिल्लाने लगते हैं तो ह आपके बच्चे के व्यवहार को बदल सकता है। इसलिए डांटने से पहले उन्हें समझाने की कोशिश करें।

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