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डार्क सर्कल छिपाने के लिए आंखों के नीचे इंजेक्शन लेती हैं एक्टर्स, जानिए कितना सही है ये तरीका

Katy Perry Dark Circles treatment: अगर कोई काले घेरों को कम करने के लिए फिलर इंजेक्शन का ट्रीटमेंट कराना चाहते हैं तो यह अच्छा विकल्प है लेकिन इससे वे पूरी तरह से ठीक नहीं होंगे। इस ट्रीटमेंट को लेने से पहले आपको कुछ चीजों की सावधानी बरतनी चाहिए।

प्रतीकात्मक तस्वीर

Dark Circles treatment: जिंदगी की भागादौड़ में आजकल तमाम लोग काम में बिजी होने के चलते खुद के लिए वक्त नहीं निकाल पाते हैं। ऐसी लाइफस्टाइल के चलते उनकी पर्सनालिटी पर भी काफी असर पड़ता है। आज के दौर में यंगस्टर्स भी तमाम तरह की बीमारियों से जूझ रहे होते हैं। बिना ब्रेक के घंटों काम करने के चलते आजकल उम्र से पहले ही युवाओं की आंखों के नीचे डार्क सर्कल हो जाते हैं। यह डार्क सर्किल्स लोगों को तमाम चीजों की वजह से हो जाते हैं। जैसे ज्यादा देर तक कम्प्यूटर पर काम करना, नींद पूरी ना होना, मानसिक तनाव, ज्यादातर समय धूप में बिताना, लगातार आंखों को थकाने वाले काम करते रहना, गेम खेलना, खान-पान में पोषक तत्वों की कमी आदि से होते हैं। डार्क सर्कल को कम करने के लिए कई लोग घरेलू उपाय का प्रयोग करते हैं, तो सेलेब्स प्लास्टिक सर्जरी और फिलर इंजेक्शन का सहारा लेते हैं।

उदाहरण के लिए हॉलीवुड सिंगर केटी पेरी को ही ले लीजिए, जिन्होंने अपने डार्क सर्कल को हटाने के लिए फिलर इंजेक्शन का सहारा लिया है। यह बात खुद केटी ने एक इंटरव्यू के दौरान बयां की है। वेबसाइट ‘एसशोबिज डॉट कॉम’ के मुताबिक, ‘स्विश स्विश’ गीत की गायिका का कहना है कि उन्होंने अपनी आंखों के आसपास के डार्क सर्कल को कम करने के लिए लेजर और फिलर इंजेक्शन का सहारा लिया है। बहरहाल, यहां हम आपको फिलर इंजेक्शन के बारे में बता रहे हैं। अगर आप भी डार्क सर्कल की समस्या से जूझ रहे हैं और फिलर इंजेक्शन लेने का सोच रहे हैं यह खबर आपके काम की है।

स्किन एक्सपर्ट के अनुसार अगर कोई डार्क सर्कल को कम करने के लिए फिलर इंजेक्शन का ट्रीटमेंट कराना चाहते हैं तो यह अच्छा विकल्प है लेकिन इससे वह पूरी तरह से ठीक नहीं होंगे। इस ट्रीटमेंट को लेने से पहले आपको कुछ चीजों की सावधानी बरतनी चाहिए। इस ट्रीटमेंट पर तमाम स्किन स्पेशलिस्ट अपनी अलग-अलग राय देते हैं।

डॉक्टर लिओटा का कहना है कि आई फिलर से ना तो किसी के डार्क सर्कल पूरी तरह से ठीक होते हैं और ना ही पिगमेंटेशन की प्रॉबल्म दूर होगी। कई बार इस ट्रीटमेंट से हमारी आंखों में पफीनेस यानी हल्की सूजन आ जाती है जिससे हमारा फेस और भी थका हुआ और बीमार जैसा दिखने लगता है। पेरी का कहना है कि ऐसी ट्रीटमेंट किसी मान्यता प्राप्त फिजिशियन से ही कराएं।

आई फिलर लेने से पहले हमें यह भी ध्यान देना होगा कि जहां यह इंजेक्शन लगाया जाता है वो हमार फेस का बेहद मुलायम हिस्सा होता है। इसलिए फिलर ट्रीटमेंट कराने से पहले आपको एक एनाटॉमी के पास जाना चाहिए, जो बता सके कि यह फिलर हमारे फेस पर फायदेमंद होगा या नुकसानदायक क्योंकि कई लोगों की स्किन काफी सेंसटिव होती है। इसे लेने से पहले आपको किसी बढ़िया से प्लास्टिक सर्जन से भी सलाह लेनी चाहिए।

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