Hindu New Year Date 2026: हिंदू नव वर्ष का आध्यात्मिक, पौराणिक और प्राकृतिक हर तरह से बहुत महत्व होता है। हिंदू नव वर्ष के साथ ही कई व्रत-त्योहार की शुरुआत होती है। जिसमें नवरात्रि प्रमुख होता है। हिंदू नव वर्ष को विभिन्न राज्यों में गुड़ी पड़वा, उगादी, चेटी चंद जैसे नामों से जाना जाता है।अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नए साल की शुरुआत जनवरी माह में होती है।
वहीं हिंदू नव वर्ष हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ शुरू होता है। हिंदू नव वर्ष को सजृन और नवआरंभ का दिन माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। इस वर्ष विक्रम संवत 2083 मनाया जाएगा। कब होगी इसकी शुरूआत और क्या हैं इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें, आइए जानें।
हिंदू नव वर्ष 2026 कब है?
पंडित केपी शुक्ल के अनुसार हिंदू नववर्ष इस साल 19 मार्च से आरंभ हो रहा है। इस वर्ष को रौद्र संवत्सर कहा जा रहा है। इस वर्ष गुड़ी पड़वा 19 मार्च को चैत्र नवरात्रि के साथ मनाया जाएगा।
विक्रम संवत की इस तरह हुई शुरुआत
ऐसी मान्यता है कि विक्रम संवत की शुरुआत लगभग 57 ईसा पूर्व हुई थी। उज्जैन के महान सम्राट राजा विक्रमादित्य ने इसे शुरू किया था। उन्हीं के नाम पर इस कैलेंडर का नाम रखा गया था। इस संवत में महीनों के नाम नक्षत्रों के आधार पर होते हैं।
हिंदू नव वर्ष का महत्व
लोग रोजाना के कामकाज में भले ही अंग्रेजी कैलेंडर का इस्तेमाल करें। आज भी हिंदू समाज में कोई भी धार्मिक या मांगलिक काम पंचांग के अनुसार होता है। गृह प्रवेश से लेकर नामकरण, शादी, मुंडन जैसे शुभ काम पंचांग देखकर होते हैं। यह सभी हिंदू नव वर्ष और विक्रम संवत के मुताबिक होते हैं।
इसके साथ ही चैत्र माह में जहां ठंड विदा लेती है और मौसम गर्म होने लगता है। ऐसे में शरीर को स्वस्थ्य और संतुलित रखने के लिए सात्विक आहार और व्रतों पर जोर दिया जाता है। इस दिन लोगों को देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए। साथ ही दान-पुण्य करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
