X

मानसून डाइट: बरसात में होने वाले संक्रमण से लड़ने में मदद करेगा ये प्राकृतिक काढ़ा

बरसात का मौसम गर्मी से राहत तो लेकर आता है लेकिन इसके साथ कई तरह की बीमारियां भी आती हैं। गर्म-ठंडे मौसम की वजह से सर्दी-जुकाम, खांसी होना तो इस मौसम में आम है।

बरसात का मौसम गर्मी से राहत तो लेकर आता है लेकिन इसके साथ कई तरह की बीमारियां भी आती हैं। गर्म-ठंडे मौसम की वजह से सर्दी-जुकाम, खांसी होना तो इस मौसम में आम है। इसके अलावा मच्छरों और कीटों से होने वाले कई रोगों का प्रकोप भी बरसात के आते ही बढ़ जाता है। ऐसे में आपको इन बीमारियों से लड़ने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए। आयुर्वेद में निरोग रहने के तमाम उपायों की चर्चा है। प्राकृतिक जड़ी-बूटियों या घरेलू मसालों की मदद से आप ऐसी औषधियां तैयार कर सकते हैं जो आपको बीमारियों से दूर रखने में मदद कर सकती हैं। आज हम आपको ऐसे ही 2 औषधीय काढ़ों को बनाने के तरीके के बारे में बताने वाले हैं जो मॉनसून में होने वाली बीमारियों की रोकथाम में मददगार होते हैं।

तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा – इसके लिए आपको 2 कप पानी, एक चम्मच चीनी, 1 चम्मच काली मिर्च, 1 चम्मच देसी घी, लौंग की 1-2 कलियां और कुछ तुलसी के पत्तों की जरूरत पड़ेगी। काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में देसी घी को गर्म करें। अब इसमें लौंग, काली मिर्च, अदरक और तुलसी डालें। इसके बाद इसमें पानी और चीनी डालकर मिश्रण को मद्धम आंच पर अच्छी तरह से मिलाएं। अब इसमें तुलसी के पत्ते डालें और दो मिनट तक पकाएं। इस काढ़े को गर्मागरम ही सेवन करें।

कषाय काढ़ा – कषाय एक आयुर्वेदिक पेय है जो सर्दी-खांसी की दवा के रूप में इस्तेमाल की जाती है। इसके अलावा यह एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है और इम्यूनिटी दुरुस्त करने में भी मददगार होती है। इसे बनाने के लिए आपको भुने हुए धनिया के बीज, जीरा, सौंफ, काली मिर्च की जरूरत पड़ेगी। कषाय काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले भुने हुए धनिया के बीज, जीरा, सौंफ और काली मिर्च को पीसकर किसी कंटेनर में स्टोर कर लें। अब एक गिलास पानी उबाल लें। इसमें एक चम्मच कषाय पाउडर डालें। आप इसमें गुड़ मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।