how to make papaya tea in hindi - गठिया रोग का रामबाण इलाज है पपीते की चाय, जानें क्या है बनाने की विधि - Jansatta
ताज़ा खबर
 

गठिया रोग का रामबाण इलाज है पपीते की चाय, जानें क्या है बनाने की विधि

अपनी जिंदगी में आपने कई तरह की चाय पी होगी लेकिन शायद ही कभी पपीते की चाय के बारे में सुना होगा। पपीते की चाय सेहत के लिहाज से बेहद लाभकारी होती है।

Author July 25, 2018 7:08 AM
प्रतीकात्मक चित्र

अपनी जिंदगी में आपने कई तरह की चाय पी होगी लेकिन शायद ही कभी पपीते की चाय के बारे में सुना होगा। पपीते की चाय सेहत के लिहाज से बेहद लाभकारी होती है। खासकर गठिया के रोगियों को यह चाय जरूर पीना चाहिए। यह शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा कम करता है जिससे सूजन दूर होने में मदद मिलती है। इसके अलावा यह पाचन दुरुस्त रखने में भी मददगार होती है। प्लेटलेट्स को बढ़ाने में भी पपीते की चाय बेहद लाभकारी है। शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में भी यह मददगार है। आइए, जानते हैं कि पपीते की चाय बनाने की पाक विधि क्या है।

पपीते की चाय बनाने की सामग्री –

50 मिलीग्राम पानी
180 ग्राम कच्चा (हरा) पपीता टुकड़ों में कटा हुआ
2 बैग ग्रीन टी या 1 चम्मच ग्रीन टी की पत्तियां

पपीते की चाय बनाने की विधि – पपीते की चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में पानी डालें। अब हरे पपीते के टुकड़े भी इसमें डाल दें। इस पानी को गर्म होने के लिए आंच पर रख दें। जब ये पानी उबलने लगे तो आंच बंद कर दें और 10 मिनट के लिए पानी को थोड़ा ठंडा होने दें। अब इस पानी को छान लें और पपीते के टुकड़ों अलग कर लें। पानी में ग्रीन टी बैग डालिए या ग्रीन टी की पत्तियां डालकर 3 मिनट के लिए छोड़ दें। गर्म ही इस चाय को पिएं।

गठिया रोग में पपीते की चाय के फायदे – जब खून और ऊतकों में यूरिक एसिड की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तब गठिया रोग होता है। पपीते में यूरिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित करने वाले गुण होते हैं। ऐसे में पपीते की चाय पीने से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा कम होती है और गठिया रोग से राहत मिलने लगती है। इसके अलावा शरीर में किसी भी तरह के सूजन को दूर करने के लिए भी इसका सेवन किया जा सकता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App