काफी लोग ऐसे हैं जो अपनी बालकनी में कई तरह के पौधे, फूल और सब्जियां उगाते हैं। कुछ ऐसे फूल हैं जो गर्मियों के मौसम में खिलते हैं, इनमें से एक है गुड़हल का फूल है। गुड़हल का पौधा फरवरी से मार्च के बीच में लगाया जा सकता है। सनातन धर्म में गुड़हल के फूल का खास महत्व है। इसे देवी-देवताओं को चढ़ाया जाता है, खासकर मां दुर्गा को यह फूल अति प्रिय है। इसे लगाते वक्त लोग कई गलतियां कर देते हैं, जिसके चलते पौधा मुरझाने लगता है, पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं या फिर इसमें फूल नहीं आते हैं।
आइए जानते हैं गर्मी के मौसम में गुड़हल का पौधा बालकनी में कैसे लगाएं और किस तरह की खाद गमले में डालने से पौधे में फूल भरकर आते हैं।
1- गुड़हल का पौधा लगाने के लिए 12-14 इंच का बड़ा गमला ले लें। इसमें नीचे की तरफ पानी निकासी के लिए छेद कर दें।
2- गुड़हल का पौधा अच्छी ड्रेनेज वाली, हल्की और पोषक मिट्टी में सबसे ज्यादा फूल देता है। अगर मिट्टी भारी होगी या पानी रुक जाएगा, तो पौधा बढ़ेगा लेकिन फूल कम आएंगे। इसलिए सही मिट्टी जरूरी है।
ऐसे तैयार करें मिट्टी
गुड़हल के पौधे के लिए 40% गार्डन की मिट्टी, 30% अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद, 20% रेत या नदी की बालू और 10% वर्मीकम्पोस्ट ले लें। इससे पौधों का अच्छा विकास होता है और फूल जल्दी खिलते हैं। इस मिश्रण में 1-2 मुट्ठी नीम खली मिला दें। इससे मिट्टी में कीड़े नहीं लगते और पौधे को धीरे-धीरे पोषण भी मिलता रहता है।
3- गमले में मिट्टी मिलाने के बाद पौधा लगा दें और हल्का सा पानी का छिड़काव करके बालकनी में सीधी धूप वाली जगह पर रख दें। मिट्टी गीली नहीं होनी चाहिए।
4- फूल के लिए खाद
गुड़हल के पौधे में ज्यादा फूल लाने के लिए ऐसी खाद की जरूरत होती है जिसमें पोटाश और फॉस्फोरस अच्छी मात्रा में हो। ये दोनों कली बनने, फूल बड़े होने और लगातार फ्लावरिंग के लिए जरूरी होती हैं। ऐसे में आप घर पर ही ऑर्गेनिक खाद बना सकते हैं।
ऐसे बनाएं खाद
2 चम्मच वर्मीकम्पोस्ट, 1 चम्मच बोन मील और 1 चम्मच नीम खली को अच्छी तरह मिलाकर गमले की मिट्टी के चारों तरफ डाल दें। इसे सीधे तने के पास न डालें, थोड़ा दूरी बनाकर डालें। इसके बाद हल्की गुड़ाई करें ताकि खाद मिट्टी में मिल जाए। फिर हल्का पानी दें, जिससे पोषक तत्व जड़ों तक पहुंच जाएं। यह खाद पौधे में 15 दिनों पर दे सकते हैं।
5- कितने घंटे धूप जरूरी
गुड़हल के पौधे को नियमित 5-6 घंटे की सीधी धूप मिलना बेहद जरूरी होता है। इससे पौधा स्वस्थ रहता है, नई शाखाएं निकलती हैं और ज्यादा कलियां बनती हैं। पौधे को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की हल्की धूप आती हो। बालकनी, छत या खिड़की के पास रखना सबसे अच्छा रहता है। हर 7-8 दिन में गमले को थोड़ा घुमाएं, ताकि पौधे को चारों तरफ से धूप मिले।
6- कब दें पानी
गुड़हल के पौधे में ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं, जिससे पत्ते पीले होने लगते हैं और कलियां गिरने लगती हैं। इसलिए पानी देने से पहले मिट्टी जरूर जांच लें। पानी तभी दें जब ऊपरी 1-2 इंच मिट्टी सूखी लगे। गर्मियों में रोज या एक दिन छोड़कर पानी देना पड़ सकता है। वहीं, गमले में पानी जमा नहीं होना चाहिए, ड्रेनेज होल जरूरी है।
7- गुड़हल के पौधे की देखभाल
गुड़हल के पौधे में ज्यादा फूल पाने के लिए कटिंग और प्रूनिंग बहुत जरूरी होती है। इससे नई शाखाएं निकलती हैं और हर नई शाखा पर फूल आते हैं। महीने में एक बार हल्की प्रूनिंग करें। सूखी, कमजोर और अंदर की तरफ बढ़ रही शाखाएं काट दें। मुरझाए फूल तुरंत हटा दें। बहुत लंबी टहनियां हो गई हैं तो इन्हें छोटा करें।
डिस्क्लेमर: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए विशेषज्ञ से जरूर परामर्श करें।
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