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पाइल्स का समय पर न किया जाए इलाज तो बन सकता है फिस्टुला, आचार्य बालकृष्ण से जानिए घरेलू नुस्खे

अगर कब्ज को दूर कर दिया जाए तो पाइल्स की समस्या होगी ही नहीं। आइए आचार्य बालकृष्ण से जानते हैं पाइल्स से संबंधित घरेलू नुस्खे-

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पाइल्स से परेशान हैं तो उसके दर्द से राहत पाने के लिए गर्म पानी के टब में बैठें। (Image: Freepik)

बवासीर को Piles या Hemorrhoids भी कहा जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति को बेहद तकलीफ होती है। इस बीमारी में गुदा (Anus) के अंदर और बाहर तथा मलाशय (Rectum) के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है। जिसकी वजह से गुदा के अन्दर और बाहर, या किसी एक जगह पर मस्से बन जाते हैं। इस वजह से व्यक्ति को काफी असहनीय दर्द भी होता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 60 फीसदी लोगों को उम्र के किसी न किसी पड़ाव में बवासीर की समस्या होती है। यदि किसी को पाइल्स की समस्या है तो समय पर इलाज (Piles Treatment) कराना बेहद ज़रूरी होता है, नहीं तो आगे चलकर फिस्टुला (Fistula) का रूप धारण कर लेती है। इसमें भी असहाय जलन एवं पीड़ा होती है। आइए आचार्य बालकृष्ण से जानते हैं बचाव के तरीके-

बवासीर के प्रकार (Piles (Hemorrhoids) Types)

खूनी पाइल्स: खूनी बवासीर में खतरनाक हो सकता है। इसमें किसी प्रकार की पीड़ा नहीं होती है। लेकिन मलत्याग करते समय खून मल के साथ थोड़ा-थोड़ा टपकता है, या पिचकारी के रूप में आने लगता है। मल त्यागने के बाद मस्से अपने से ही अन्दर चले जाते हैं। गंभीर अवस्था में यह हाथ से दबाने पर भी अन्दर नहीं जाते। इस तरह के बवासीर का तुरंत उपचार कराएं।

बादी पाइल्स: बादी बवासीर से पीड़ित व्यक्तियों के पेट में कब्ज एवं गैस की समस्या बनी रहती है। इसमें मस्सों में रक्तस्राव नहीं होता और इनमें बार-बार खुजली एवं जलन होती है। शुरुआती अवस्था में यह तकलीफ नहीं देते, लेकिन लगातार अस्वस्थ खान-पान और कब्ज रहने से यह फूल जाते हैं। इनमें खून जमा हो जाता है, और सूजन हो जाती है।

एलोवेरा का प्रयोग (Use Aloe vera for Piles Treatment)

आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक एलोवेरा आंतरिक और बाह्य दोनों प्रकार के पाइल्स के इलाज में लाभदायक है। इसके इस्तेमाल से सूजन के साथ जलन कम हो जाती है, और कब्ज की समस्या नहीं होती। एलोवेरा के 200-250 ग्राम गूदे को खाएं और इसका गुदा के बाहर के मस्सों लगाएं, इससे जलन और खुजली को शांत होने में मदद मिलती है।

सेब का सिरका (Use Apple Vinegar for Piles Treatment)

आचार्य बालकृष्ण के अनुसार सेब का सिरका रक्त वाहिनियों (Blood vessels) को सिकोड़ने में मदद करता है। इतना ही नहीं बादी बवासीर में सेब के सिरके में रुई भिगाकर गुदा में रखें। इससे जलन और खुजली से राहत मिलेगी। खूनी बवासीर में एक गिलास पानी में सेब के सिरके का एक चम्मच डालकर दिन में दो बार पिएं। इससे फायदा मिलेगा।

जैतून के तेल का इस्तेमाल (Olive Oils : Home Remedy for Piles Treatment)

आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक जैतून के तेल का इस्तेमाल सूजन को करने के लिए किया जा सकता है। बादी बवासीर के मस्सों पर यह तेल लगाने से यह रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) में आई सूजन को कम करता है।

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