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अगर आपको पड़ चुका है दिल का दौरा तो विशेषज्ञों की ये राय मानेंगे तो रहेंगे स्वस्थ

आईएमए के महासचिव डॉ. आरएन टंडन ने बताया कि सामाजिक सहयोग बीमारी पर गहरा प्रभाव डालता है। यह न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।

Author April 8, 2017 4:18 PM
सांकेतिक फोटो (Source: Agency)

दिल के दौरे के बाद अकेले रहना खतरनाक हो सकता है। इससे अगले चार सालों में मौत का खतरा भी मंडरा सकता है। यह जानकारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल दी। अमेरिकन जरनल ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक ताजा अध्ययन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दिल के दौरे के एक साल बाद मौत होने की संभावना अकेले रह रहे व्यक्ति की भी उतनी ही होती है जितनी किसी के साथ रह रहे पीड़ित की होती है। लेकिन अकेले रह रहे मरीज की चार सालों में मौत होने की संभावना 35 प्रतिशत ज्यादा होती है।

आईएमए के महासचिव डॉ. आरएन टंडन ने बताया कि सामाजिक सहयोग बीमारी पर गहरा प्रभाव डालता है। यह न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है। परिवार और दोस्तों का सहयोग ऐसे मरीजों को तंदरूस्त होने और अच्छी जिंदगी जीने में मदद करता है।

जो लोग अकेले रहते हैं उनके तंदुरुस्त होने में रुकावट आ जाती है, क्योंकि उन्हें दवाइयां लेने, बताए गए व्यायम करने के लिए प्रोत्साहन और चेकअप के लिए डॉक्टर के पास जाने के लिए जिस सहयोग की आवश्यकता होती है, वह उनके पास नहीं होता।

एथेरोस्क्लेरोसिस भी एक संकुचित कोरोनरी धमनी के अंदर खून का थक्का या गुठली के गठन का कारण हो सकता है।ऐसी खून की गुठली के कारण एक कोरोनरी धमनी के रक्त के प्रवाह मे अचानक आए ठहराव से आमतौर पर दिल का दौरा पड़ता है जिससे दिल को भारी नुकसान हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार अगर आपको हार्ट अटैक आता है तो उसके लक्षण हैं। हार्ट अटैक आने वाले व्यक्ति को पसीना आना, जी मिचलाना, चक्कर आना, सांस फूलना, धड़कन तेज होना हार्ट अटैक के लक्ष्ण होता है। वहीं  मरीज इस सीने के दर्द और जी मिचलाने को कभी-कभी गलती से अपचन के लक्षण समझ सकता है। सीएडी मे होन वाले सीने का दर्द की दो प्रकार का होता हैं। वे स्टेबल एनजाइना और एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम।

हार्ट अटैक के रोकथाम के लिए डॉक्टर कुछ खास उपाय बताते हैं इसके लिए सबसे पहले धूम्रपान छोड़ना चाहिए, स्वस्थ आहार खाना चाहिए, अपने एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करें, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करें, वजन कम करें और व्यायाम करें।

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