Brain Boosting Habits: अक्सर जीवन में एक पड़ाव ऐसा आता है जब व्यक्ति के ऊपर करियर, परिवार और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ने लगता है। खासतौर पर 30 की उम्र के बाद लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना पड़ता है। माना जाता है कि इस उम्र में अपनाई गई कुछ आदतें लंबे समय तक दिमाग को एक्टिव और फिट रखने में मदद कर सकती हैं। अगर आप अपने शरीर के साथ दिमाग को हेल्दी रखना चाहते हैं तो कुछ आदतों को अपना सकते हैं।

पीएसआरआई अस्पताल में न्यूरोसर्जरी के निदेशक डॉ. एम नारायण स्वामी के अनुसार 30 की उम्र में अपनाई गई आदतों का असर बाद के वर्षों में दिमाग की कार्यक्षमता पर पड़ सकता है। अगर आप दिमाग को फिट और एक्टिव रखना चाहते हैं तो इसके लिए लाइफस्टाइल में कुछ हेल्दी आदतों को अपना सकते हैं जो दिमाग की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।

फिजिकली एक्टिव रहना

दिमाग को एक्टिव रखने के लिए सबसे जरूरी है लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटीज को शामिल करना। रोजाना टहलना, साइकिलिंग या किसी अन्य प्रकार की एक्सरसाइज शरीर के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर मानी जाती है।

नींद को दें प्राथमिकता

आजकल की लाइफस्टाइल बहुत ही प्रेशर वाली है जहां लोग अपने करियर की चिंता, परिवार और जिम्मेदारियों के बीच घिरे रहते हैं। इस वजह से उनके दिमाग को ब्रेक नहीं मिल पाता है। इसलिए दिमाग को शांत रखने के लिए नींद को प्राथमिकता दें जिससे आप फ्रेश और एक्टिव महसूस करेंगे। साथ ही स्क्रीन टाइम को भी कम करने की कोशिश करें।

ब्रेन-फ्रेंडली डाइट का चुनाव

शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है उसी तरह दिमाग को ओमेगा-3, विटामिन डी और मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञों के अनुसार इन पोषक तत्वों की कमी से व्यक्ति अधिक तनाव, चिंता और भूलने की आदत महसूस कर सकता है। इसलिए शरीर के साथ-साथ दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए हेल्दी डाइट लें।

नई चुनौतियां और निरंतर सीखना

नई चीजों को सीखने और दिमाग को चुनौती देने वाली चीजों में शामिल हो सकते हैं। किताबें पढ़ना, नई भाषा सीखना, नई स्किल सीखना या पहेलियां सुलझाने जैसी एक्टिविटी कर सकते हैं। इससे आप मानसिक रूप से सक्रिय और व्यस्त रहते हैं। लगातार सीखते रहने की आदत व्यक्ति को नई परिस्थितियों के अनुसार ढलने में मदद कर सकती है।

बातचीत करना है जरूरी

इसके अलावा मानसिक रूप से स्वस्थ और एक्टिव रहने के लिए परिवार, दोस्तों और अन्य लोगों के साथ बातचीत और समय बिताया जा सकता है। इसके अलावा मेंटल फिटनेस रूटीन अपनाएं जैसे मेडिटेशन, योग आदि।

इन आदतों को अपनाने से उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क में होने वाले बदलावों के बाद भी खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालने और कार्यक्षमता को बढ़ाए रखने में मदद कर सकती हैं। हालांकि कोई एक आदत अकेले उम्र बढ़ने के बाद होने वाले मानसिक बदलावों को पूरी तरह नहीं रोक सकती हैं लेकिन इन आदतों को नियमित रूप से अपनाने पर दिमाग की कार्यक्षमता को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है।