Baisakhi ki Hardik Shubhkamnaye: बैसाखी 14 अप्रैल को है। यह त्योहार पंजाब और उत्तर भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। सिख समुदाय के लिए यह प्रमुख त्योहार में से एक है। इसी दिन गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। ऐसी मान्यता है कि बैसाखी का इतिहास 1699 से जुड़ा है, जब गुरु गोबिंद सिंह ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस दिन सिखों को एक नई पहचान मिली। तब से अब तक बैसाखी धूमधाम से मनाया जाता है।
यह त्योहार आज भी लोगों को संस्कृति, परंपरा और मेहनत की अहमियत याद दिलाता है। साथ ही, यह समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देता है। बैसाखी को असम में बिहू, केरल में पूरम विशु और बंगाल में नबा वर्षा के नाम से जाना जाता है। यह त्योहार किसानों से भी जुड़ा है। इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाती है। उसकी कटाई भी शुरू हो जाती है। ऐसे में लोग भगवान का धन्यवाद करते हैं और खुशियां मनाते हैं।
बैसाखी के पर्व से ही पंजाबी नए साल की शुरुआत होती है। इस अवसर पर लोग नए कपड़े पहनते हैं और पारंपरिक गीत गाते हैं। इस दौरान लोग भांगड़ा-गिद्दा भी करते हैं। इस खास अवसर पर अगर आप भी अपने प्रियजनों को बैसाखी की बधाइयां देना चाहते हैं तो यहां से संदेश चुन सकते हैं।
बैसाखी आई, साथ में ढेर सारी खुशियां लाई
तो भंगड़ा पाओ, खुशी मनाओ
मिलकर सब बंधु भाई
बैसाखी की शुभकामनाएं
तुस्सी हंसदे ओ सानू हंसान वास्ते
तुस्सी रोन्ने ओ सानूं रुआण वास्ते
इक वार रुस के ते विखाओ सोणेयो
मर जावांगे तुहाणूं मनान वास्ते
बैसाखी दा दिण है खुशियां मणान वास्ते!
फूलों की महक,
गेहूं की बलियान,
तितलियों की रंगत,
अपनों का प्यार,
सब को दिल से मुबारक हो बैसाखी का त्योहार!
अन्नदाता की खुशहाली और समृद्धि के पर्व बैसाखी पर आप सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाइयां
आज मुस्कुराया है हर चेहरा, हर ओर खुशी है छाई,
खुशियों के त्योहार बैसाखी की आप सभी को बधाई।
एसएमएस भेजण दा नहीं सी शौंक साणूं
तेरी याद ने मोबाइल फड़ा दित्ता
मैसेज लिखदे लिखदे स्पेस मुक्की
अस्सी ओवरराइट अलाउड ला दित्ता
यारा मेरेया मैसेज रिप्लाइ करीं
अस्सी अपणा फर्ज निभा दित्ता
हैप्पी बैसाखी
आया बैसाखी का त्योहार, खुशियां लाया ढेरों अपार। खेतों में सोना लहराए, हर मन में प्रेम समाए।
ढोल की थाप पर मन झूमे, संग अपनों के हर गम दूर हो जाए। फसलें लाएं समृद्धि का पैगाम, बैसाखी हो आपके लिए खास काम।
