Famous Hanuman Temples In India: संकट मोचन हनुमान जी की जयंती 2 अप्रैल को है। हर वर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, वानरराज केसरी और माता अंजना के पुत्र हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रूद्र अवतार माना जाता है। देशभर में हनुमानजी के कई बड़े मंदिर हैं, लेकिन कुछ मंदिरों की खास मान्यता है। यहां सालभर भक्तों की कतारें लगी रहती हैं। इन मंदिरों का धार्मिक महत्व और भक्तों की इनके प्रति अटूट आस्था है। ऐसा कहा जाताहै कि यहां दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, आइए जानें इनके बारे में।

हनुमान गढ़ी, अयोध्या, उत्तर प्रदेश | Shri Hanuman Garhi Mandir, Ayodhya

भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है यह मंदिर। हनुमान गढ़ी मंदिर भगवान राम की नगरी अयोध्या में स्थित है। इस मंदिर को लेकर कई कहानियां और मान्यताएं हैं। कहते हैं कि लंका से लौटने के बाद भगवान राम ने अपने प्रिय भक्‍त हनुमान को यह जगह रहने के लिए दी थी। इस लिए इस जगह को हनुमानजी का घर भी कहते हैं। अथर्ववेद के अनुसार, भगवान राम ने हनुमान जी को कहा था कि जब भी कोई अयोध्‍या में मेरे दर्शन करने आएगा, उससे पहले उसे तुम्‍हारे यानी हनुमानजी के दर्शन करने होंगे। कहा जाता है कि यह मंदिर हनुमान जी का सिद्धपीठ है, जिसे स्वयं भगवान राम ने उन्हें सौंपा था। यह मंदिर अयोध्‍या शहर के बीचों बीच ऊंचे टीले पर स्थित है। इसके दक्षिण में अंगद और सुग्रीव टीली भी बना हुआ है।

सालासर बालाजी मंदिर, चुरू, राजस्थान | Shree Salasar Balaji Mandir, Rajasthan

सालासर बालाजी का मंदिर राजस्थान के चुरू जिले में जयपुर-बीकानेर राजमार्ग पर स्थित है। यहां सालभर भक्तों की भीड़ रहती है। रोजाना हजारों की संख्या में भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सालासर बालाजी मंदिर को न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे उत्तर भारत में एक प्रमुख हनुमान मंदिर के रूप में जाना जाता है। सालासर धाम में हर साल दो मेले लगते हैं। एक मेला शरद पूर्णिमा और दूसरा मेला हनुमान जयंती पर। भक्तों की मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना और भक्ति हनुमान जी को प्रसन्न करती है और सभी दुख-कष्ट, रोग और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।

हनुमान गढ़ी, सीतापुर | Hanuman Garhi Mandir, Sitapur

उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर नैमिषारण्य धाम, सीतापुर में स्थित हनुमान गढ़ी के प्रति भक्तों की अटूट आस्था है। यह मंदिर रामायण के प्रसंग से जुड़ा बताया जाता है। ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी ने भगवान राम और लक्ष्मण जी को अहिरावण के चंगुल से छुड़ाया था। अहिरावण का वध कर के हनुमानजी भगवान राम व लक्ष्मण जी को अपने कंधों पर उठाकर, पाताल लोक से बाहर निकल आए थे। पाताल लोक से लौटने के बाद हनुमान जी ने पृथ्वी पर पहला कदम रखा था, वहीं इस मंदिर की स्थापना की गई। यहां का मुख्य आकर्षण भगवान हनुमान जी की मूर्ति है। इस मूर्ति में हनुमान जी भगवान राम और लक्ष्मण को अपने कंधे पर उठाए हुए नजर आते हैं।

इन मंदिरों में भी दर्शनों की लगती हैं कतारें

संकट मोचन हनुमान मंदिर, वाराणसी

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, दौसा

जाखू हनुमान मंदिर, शिमला

हनुमान धारा, चित्रकूट

बेट द्वारका हनुमान मंदिर, द्वारका

नमक्कल अंजनेयर मंदिर, नमक्कल

हनुमान मंदिर, नई दिल्ली

श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर, रामेश्वरम

डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।